देशभर में कोरोना का कहर जारी है। देशभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग 36 हजार पहुंच गई है। इसके कारण लॉकडाउन की मियाद केंद्र सरकार ने एक बार फिर से बढ़ा दी है। लॉकडाउन दो सप्ताह के लिए बढ़ा गया है। तीसरा लॉकडाउन 4 मई से 17 मई तक चलेगा। इधर जिला प्रशासन ने दूसरे प्रदेशों में फंसे मजदूरों को वापस लाने की कवायद सरकार ने तेज कर दी है। मजदूरों और उनके परिवारों को अब घर लौटने का इंतजार है। दंतेवाड़ा के 2500 से ज्यादा मज़दूर 9 राज्यों में अभी फंसे हुए हैं। जबकि 2700 से ज्यादा मजदूर जंगलों के रास्ते गांव लौट गए हैं, जो अभी होम कवारेंटाइन में हैं।
बड़ी बात ये है कि ये सभी 9 राज्य रेड जोन में है। यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में प्रशासन से लेकर स्थानीय लोगों की चिंता अभी बढ़ी हुई है। अब दंतेवाड़ा जिला प्रशासन रेड जोन राज्यों के ग्रीन जोन जिले से में फंसे दंतेवाड़ा के मजदूरों को लाने की कवायद में जुट गया है। इसकी सूची बनाने में अब अधिकारी जुट गए हैं। जिला से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक के अफसर इसके लिए काम करेंगे।
डिप्टी कलेक्टर आस्था राजपूत व श्रम पदाधिकारी सुरेश गोटी को नोडल अधिकारी बनाया जा रहा है। फिलहाल राज्य के निर्देशों के अनुरूप मजदूरों की जानकारी शासनस्तर पर भेजने प्रशासन जुटा हुआ है। सबसे ज़्यादा मजदूर आंध्रप्रदेश व तेलंगाना में फंसे हुए हैं। सभी को लाने वाहनों को किस तरह से और कब भेजा जाएगा यह शासन स्तर से ही तय होगा। ठोस रणनीति के साथ ही उन्हें वापस लाया जाएगा। इधर मजदूरों की घर वापसी को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार की पहल पर मजदूरों के परिवार बेहद खुश हैं।
थोड़ी राहत, लेकिन माथापच्ची भी
बाहर गए दंतेवाड़ा के मजदूरों की वापसी को लेकर दंतेवाड़ा को थोड़ी राहत है। वह इसलिए क्योंकि यहां वापस वाले मजदूरों की संख्या तो ज़्यादा है, लेकिन दूसरे राज्यों की सीमा नहीं लगती है। लेकिन मजदूर किन जिलों में फंसे हैं, इसके लिए थोड़ी माथापच्ची करनी पड़ सकती है। क्योंकि कई परिवारों को सही जगह का भी अभी पता नहीं है।

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