पहले मजबूरी, फिर जरूरी और अब फैशन में मैचिंग मास्क
कोरोनावायरस संक्रमण के शुरुआती दौर में बचाव के लिए मास्क पहनना मजबूरी था। महामारी के बढ़ने के साथ यह जरूरी बन गया है। हालात ऐसे नहीं लगते कि मानव जीवन इस संकट से जल्दी उतरेगा और ऐसे में यह मास्क अब फैशन में शामिल होने को तैयार है। हालांकि अभी यह सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाई दे रहा है, मगर गारमेंट और फैशन डिजाइनिंग के कारोबारी इस पर काम कर रहे हैं। अमृतसर में भी एक रेडीमेड गारमेंट फर्म ने फैशन के मुताबिक मैचिंग वाले मास्क बनाने शुरू कर दिए हैं।

मास्क के जरिए मिला नया रोजगार
महामारी फैली तो डब्ल्यूएचओ के हिदायतों के मुताबिक मेडिकली मास्क के तैयार होने लगे। इस क्षेत्र में फार्मास्युटिकल्स कंपनियों ने अपने अपने तरीके से मास्क उतारे। मास्क की कमी को पूरा करने के लिए लोगों ने रुमाल और गमछे को भी मास्क की जगह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, लेकिन इसी बीच लोगों में कपड़ों की मैचिंग के हिसाब से मास्क पहनने की मांग बढ़ी और उसे भुनाने के लिए गारमेंट कंपनियां मैदान में आ रही हैं।

ग्रामीण विकास हैंडीक्राफ्ट वुमन एंड चाइल्ड वेलफेयर एसोसिएशन के अधीन काम करने वाले सुनील कपूर और उनकी फैशन डिजाइनर पत्नी परमजीत कौर कपूर ने बताया कि पहले वह लोग लोगों को रोजगार देने के लिए सिलाई कढ़ाई का काम करवाते थे। लाॅकडाउन के कारण काम बंद हुआ तो मजदूर बेकार हो गए और उनको रोजगार देने के लिए उन्होंने मास्क सिलना शुरू किया।

इसी बीच कुछ लोगों ने मैचिंग वाले मास्क की मांग की। उस मांग के मद्देनजर उन लोगों ने कोट पेंट, पेंट शर्ट, साड़ी, सूट, कुर्ता पाजामा की ही तरह से मैचिंग वाले मास्क को डिजाइन किया और उसे तैयार कर रहे हैं। फिलहाल इसे तीन-चार दिन में लांच कर दिया जाएगा।
पहले मजबूरी, फिर जरूरी और अब फैशन में मैचिंग मास्क
Compulsion first, then necessary and now a matching mask in fashion



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