इनमें 80%यूपी-बिहार के, गेहूं कटाई, धान की बिजाई में बढ़ेगा लेबर संकट
(हरपाल रंधावा)कोरोना वायरस को लेकर कर्फ्यू और लॉकडाउन में दूसरे राज्यों से लेबर पंजाब में न आने से पहले ही संकट मंडरा रहा है। अब बाहरी राज्यों के 8.26 लाख लोगों ने अपने घरों को जाने की रजिस्ट्रेशन करवाया है। यह लेबर पंजाब के लुधियाना, जालंधर, अमृतसर व मंडी गोबिंदगढ़ सहित 22 जिलों में औद्योगिक इकाईयां, खेतों और ऑफिसों में काम करती थी। इनके लौटने से आनेे वाले दिनों में पंजाब में लेबर संकट और बढ़ेगा। सबसे अधिक नुकसान लुधियाना को होगा क्योंकि यहां से सबसे ज्यादा 4 लाख 66 हजार लोगों ने वापसी का रजिस्ट्रेशन कराया है।
दूसरे स्थान पर जालंधर जिला का नाम है। जहां से 91 हजार लेबर ने वापसी के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। लॉकडाउन के दौरान यूपी, बिहार से गेहूं के सीजन में लेबर के 4 लाख मजदूर पंजाब नहीं पहुंच पाए है। इससे गेहूं की कटाई में परेशानी तो आ ही रही है, दो माह धान का सीजन शुरू होगा तो ज्यादा दिक्कत आएगी। क्योंकि इस काम को 85 से 90 प्रतिशत बाहरी राज्यों से आई लेबर करती है। वहीं, औद्योगिक इकाईयों में काम शुरू होगा तो वहां पर भी लेबर की कमी संकट खड़ा हो सकता है।
कहां-कितनों ने कराया रजिस्ट्रेशन
अमृतसर47021
बरनाला3231
बठिंडा15490
फरीदकोट1932
फतेहगढ़21591
फाजिल्का5218
फिरोजपुर3047
गुरदासपुर7317
होशियारपुर14477
जालंधर91608
कपूरथला14577
लुधियाना466395
मानसा3442
मोगा4566
पठानकोट8517
पटियाला28840
रूपनगर7665
एसएसनगर66340
संगरूर7275
नवांशहर4778
मुक्तसर3628
तरनतारन2885
बाहरी राज्यों के 8,26,240 लोगों ने वापस जाने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। लुधियाना में सबसे ज्यादा 4.66 लाख और जालंधर में 91 हजार से अधिक लोग शामिल हैं।
फंसे लोगों को घर भेजने को चलेंगी ट्रेनें, सरकार खरीदकर देगी टिकट
देश में लागू तालाबंदी के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे लोगों को घर पहुंचाने के लिए भारतीय रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। यह एडवाइजरी भारतीय गृह विभाग द्वारा 1 मई को दी गई मंजूरी के बाद जारी की गई है। इस मंजूरी के तहत प्रवासी मज़दूरों, यात्रियों, पर्यटक, विद्यार्थियों और अन्य व्यक्तियों को अपने गृह राज्य को जा सकेंगे। पंजाब राज्य के लिए डिविजनल रेलवे मैनेजर फिरोजपुर नोडल अफसर नियुक्त किए गए हैं।
जांच में ठीक पाए गए व्यक्ति को ही यात्रा करने की परमिशन होगी। सरकार अपने खर्च से टिकट खरीदकर देगी। खाने के पैकेट, पीने का पानी भी मुहैया करवाएगी। फेस मास्क/फेस कवर पहनने लाजिमी होंगे। यानी, यात्रा के दौरान सरकार के आदेशों का पालन करना हाेगा।
इनमें 80%यूपी-बिहार के, गेहूं कटाई, धान की बिजाई में बढ़ेगा लेबर संकट
Of these, 80% of UP-Bihar, wheat harvesting, paddy sowing will increase labor crisis



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