सूबे में शराब ठेके खोलने को लेकर सरकार और सिंडीकेट आमने-सामने
प्रदेश में शराब के ठेके खोलने की तैयारी कर रही सूबा सरकार को सिंडीकेट ने झटका देने की तैयारी कर ली हैं। सिंडिकेट का कहना हैं कि अगर सरकार 4 घंटों के लिए ठेके खोलने की इजाज़त देती है तो उनसे लाइसेंस फीस भी उसी हिसाब से ली जाए। शराब ठेकेदारों के सिंडिकेट ने सरकार को हर महीने दी जाने वाली ‍फीस को मुद्दा बनाकर ठेके खोलने से इंकार कर दिया है। सिंडिकेट से सदस्यों ने इस विषय पर मंगलवार को एक बैठक भी बुलाई, जिसके आधार पर सरकार को मांग-पत्र सौंपा जाएगा।
सिंडिकेट के एक सदस्य ने बताया कि आम तौर पर हर साल दिसंबर, जनवरी, फरवरी में राज्य में देसी शराब की बिक्री बहुत ज्यादा होती है लेकिन इस बार लॉकडाउन और अब प्रवासी मजदूरों की राज्य से वापसी के कारण शराब ठेकेदारों की बिक्री में भारी कमी आई है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शराब का ग्राहक सीमित संख्या में है और इसकी बिक्री भी देसी शराब के मुकाबले कम रहती है। आम दिनों में 14 घंटे ठेके खोले जाते हैं लेकिन अब कर्फ्यू में ढील के दौरान राज्य सरकार केवल 4 घंटे के लिए ठेके खोलने की अनुमति देने का मन बना रही है जबकि मासिक फीस को लेकर कोई बात नहीं कर रही। सिंडिकेट का कहना है कि जब शराब के ठेके पूरे समय के लिए नहीं खुलेंगे तो उनकी फीस भी चार घंटे के हिसाब से तय होनी चाहिए।
कैप्टन ने शाह से छोटे उद्योग चलाने की मांगी परमिशन
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छोटे, सूक्ष्म ,घरेलु और लघु उद्योगों की हालात पर चिंता जताई और अपील की कि इन उद्योगों को चलाने की मंजूरी दी जाए। वे कोविड रोकथाम उपायों और इससे संबंधित निर्देशों का पालन करेंगे।
इधर, टेस्ट क्षमता 2 हजार करने के लिए पीएम को पत्र लिखा
पंजाब में कोरोना के टेस्ट करने की क्षमता बढ़ाकर रोजाना 2 हजार तक करने के लिए कैप्टन ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में कैप्टन ने कहा कि पंजाब की लेबोरेट्रियों में पहले से ही एक दिन में तीन शिफ्टों में काम हो रहा है जो बहुत ज्यादा है। इसके बावजूद रोज होने वाले टेस्टों की संख्या कम है। इसे बढ़ाने की जरूरत है।
सूबे में शराब ठेके खोलने को लेकर सरकार और सिंडीकेट आमने-सामने
Government and syndicate face to face for opening liquor contracts in the state



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