टाटपट्टी बाखल में हुई घटना के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शहर के धर्मगुरुओं से बात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे सुझाव लिए और समाजजन तक सरकार व प्रशासन की बातें पहुंचाने को भी कहा।
संभागायुक्त कार्यालय में करीब एक घंटे तक चली इस कॉन्फ्रेंस में राधे-राधे बाबा, शहर काजी डॉ. इशरत अली, बिशप चाको, अण्णा महाराज और अन्य धर्मगुरु उपस्थित थे।
इशरत अली : टाटपट्टी बाखल में जो घटना हुई, उससे इंदौर का नाम खराब हुआ है। यह घटना नादानी और गलतफहमी में हुई, इसके लिए शर्मिंदा हैं।
मुख्यमंत्री : हम सब मिलकर प्रयास करेंगे तो इससे जल्दी उबर सकेंगे।
इशरत अली : इस बात का ध्यान भी रखें कि जरूरतमंदों के घर तक राशन पहुंच सके।
मुख्यमंत्री : प्रशासन इसे लेकर सजग है। आगे कई त्योहार आ रहे हैं। हम समाजजन तक संदेश पहुंचाएं कि वे इन्हें घर में ही मनाएं।
अण्णा महाराज : किसानों की फसलें खेत में खड़ी हैं, लेकिन काटने की व्यवस्था नहीं है। किसान का पूरा पैसा उस खेती के माध्यम से ही आना है।
मुख्यमंत्री : किसानों का पूरा ध्यान रखेगी सरकार।
अण्णा महाराज : टाटपट्टी बाखल घटना के बाद हमें इस काम में जनप्रतिनिधियों को जोड़ना चाहिए। उन्हें क्षेत्र की जानकारी रहती है। लोगों से परिचित भी रहते हैं। इससे आगे ऐसी घटना नहीं होगी। इसके साथ ही एक सवाल यह है कि जो स्वास्थ्यकर्मी कोरोना मरीजों की देखभाल में लगे हैं, उनकी अपनी क्षमता है? क्या आपके पास सेकंड लाइन तैयार है?
मुख्यमंत्री : जी, बिलकुल तैयार है। मेरा आप सभी से आग्रह है कि अनुयायियों और समाजजनों को समझाएं कि घरों में रहें। प्रशासन की बातें मानें। जो घटना हुई है, वह आगे न हो। जो कर्मचारी जीवन खतरे में डालकर सेवा दे रहे हैं, उनके साथ दुर्व्यवहार न हो।
राधे-राधे बाबा : महामंडलेश्वर राधे-राधे बाबा ने कहा है कि लॉकडाउन खत्म हाेने के बाद भी मप्र की सीमाओं को नहीं खोला जाए। नहीं तो सारे लोग यहां आएंगे तो परेशानी होगी। किराना की दुकानों पर भी भीड़ उमड़ेगी।
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