देश में कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के खत्म होने के बाद दिल्ली मेट्रो ने अपने संचालन को चाक-चौबंद करने की तैयारी पूरी कर ली है।
रोज लाखों की संख्या में मुसाफिरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने वाली दिल्ली मेट्रो लॉकडाउन के खत्म होने के बाद अपने संचालन को लेकर सतर्क है।
यात्रियों और मेट्रोकर्मियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को मेट्रो में सफर करने के दौरान बदले हुए नियम कानूनों का पालन करना होगा।
गुरुवार को सीआईएसएफ द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव के अनुसार, लॉकडाउन के बाद मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को शारीरिक तलाशी के पहले अपने शरीर से किसी भी धातु की वस्तु को बाहर निकालना होगा। फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा। आरोग्य सेतु एप का पास के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
फ्लू के लक्षण वाले यात्री नहीं कर पाएंगे सफर
सीआईएसएफ के प्रस्ताव के अनुसार, यदि किसी मुसाफिर में फ्लू जैसे कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बता दें कि सीआईएसएफ ने यात्रिओं और रेलकर्मियों की सुरक्षा के लिए गुरुवार को बिजनेस कंटिन्यूटी प्लान प्रस्तुत किया था। इसी प्लान में इन सभी योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
मेट्रो स्टेशनों पर 12 हजार से ज्यादा सीआईएसएफ जवानों की होगी तैनाती
सीआईएसएफ की योजना के अनुसार, 160 से अधिक मेट्रो स्टेशनों पर 12 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया जाएगा। जो यात्रियों प्रवेश से लेकर निकास तक की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। वहीं, प्रवेश द्वार पर सीआईएसएफ द्वारा यात्रियों को सेनेटाइजर भी दिया जाएगा। थर्मल स्क्रीनिंग में सामान्य ताप वाले यात्रियों को ही मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करने दिया जाएगा। जबकि जिस यात्री का तापमान ज्यादा आएगा उसे गेट से ही वापस कर दिया जाएगा।
सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन ने बताया कि इस योजना को यात्रियों, सीआईएसएफ कर्मियों और डीएमआरसी के कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। एंट्री से पहले सभी यात्रियों को बेल्ट या धातु बने सभी सामान को बाहर निकालकर अपने बैग में रखना जरूरी होगा। इस बैग को स्कैनर मशीन की सहायता से जांचा जाएगा। वहीं जिन यात्रियों के पास बैग नहीं होगा उनके लिए ट्रे उपलब्ध कराया जाएगा।
यात्रियों के बीच 1 मीटर की दूरी अनिवार्य
मेट्रो स्टेशन परिसर में यात्रियों को कतार के नियम का सख्ती से पालन करना होगा। सिक्योरिटी स्क्रीनिंग के स्थान से लाइन शुरू होने की दूरी 2 मीटर होगी वहीं, यात्रियों के बीच में कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा। सभी मेट्रो स्टेशनों पर सीआईएसएफ के दो कर्मी पीपीई सुरक्षा उपकरण को पहने रहेंगे और वह पूरी तरह यात्रियों पर नजर रखेंगे।
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