(गौरव भाटिया)कोरोना वायरस के चलते देशभर में स्टूडेंट्स घर पर बैठे हैं और ऑनलाइन ही पढ़ाई हो रही है। इसको लेकर स्टूडेंट्स को कुछ प्रॉब्लम्स भी आ रही हैं। इससे निपटने के लिए एनसीईआरटी और सीबीएसई ने तैयारी की है। एनसीईआरटी ने 4 हफ्तों के लिए “अल्टरनेटिव एकेडेमिक कैलेंडर फॉर स्टूडेंट्स” के तहत एक एकेडेमिक कैलेंडर तैयार कर लिया है। इस कैलेंडर के तहत एक्टिविटीज करवाने के लिए टीचर्स के द्वारा पेरेंट्स को फोन, एसएमएस, रेडियो, टीवी और सोशल मीडिया द्वारा एक्टिविटीज करवाने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।
स्टूडेंट्स की कन्टीन्यूटी बनाए रखना मकसद
एनसीईआरटी ने जो कैलेंडर बनाया है वह पहली से 8वीं क्लासेज तक के लिए है। इस कैलेंडर का मकसद स्टूडेंट्स को व्यस्त रखने के साथ पढ़ाई में उनकी कन्टीन्यूटी बनाए रखना है। कैलेंडर को इस हिसाब से बनाया गया है कि फिलहाल चाहे यह 4 हफ्ते के लिए हो, लेकिन अगर जरूरत पड़े तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इस कैलेंडर में एनसीईआरटी के द्वारा पाठ्यक्रम में थीम्स को सेंटर में रखते हुए इंट्रेस्टिंग एक्टिविटीज बनाई गई हैं।
9वीं से 12वीं के लिए लिया जाएगा फैसला
लॉकडाउन की वजह से 9वीं से 12वीं तक के सिलेबस को कम करने का प्लान सीबीएसई बना रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्कूल बंद होने की वजह से क्लासरूम टीचिंग नहीं हो पा रही और सिलेबस को अगर कम कर दिया जाएगा तो स्टूडेंट्स के उपर प्रेशर कम होगा। अब इस सिलेबस में क्या कुछ कम होगा इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
एकेडेमिक कैलेंडर में यह सबकुछ
- एक्टिविटीज को सब्जेक्ट वाइज, क्लास वाइज और वीकली डिवाइड किया गया है। इसमें बताया गया कि है संबंधित सब्जेक्ट के पहले, दूसरे, तीसरे और चौथे हफ्ते में क्या करना है।
- आर्ट एजुकेशन और फिजिकल एजुकेशन की एक्टिविटीज बताई गई हैं जिससे कि स्वस्थ और तंदरुस्त रह सके और तनाव मुक्त भी रह सके।
- टीचर्स, पेरेंट्स और स्कूल हेड्स को गाइडलाइंस दी गई हैं कि घर पर पढ़ाई कैसे हो सकती है जैसे कि वॉट्सएप ग्रुप कॉल, स्काइप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा टीचिंग का सुझाव दिया गया है।
- एक्टिविटीज के साथ ई-लिंक दिए गए हैं जिसके ऊपर क्लिक करके पेरेंट्स, टीचर्स या स्टूडेंट्स एक्टिविटीज को देख व समझ सकते हैं।
- स्टूडेंट की स्किल को डेवलप करने के लिए कई एक्टिविटीज दी गई हैं जैसे आर्ट एजुकेशन के द्वारा स्टूडेंट मैथ्स में वस्तुओं के आकार या फिर लैंग्वेज में फ्रूट्स, वेजिटेबल्स, फ्लावर को बनाकर अपने स्किल डेवलप कर सकते हैं।
- हर टॉपिक के साथ लर्निंग आउटकम को भी ध्यान में रखा गया है। मिसाल के तौर पर पहली क्लास में स्टूडेंट पूर्व-संख्या शब्दावली को पढ़ते समय 1 से 9 तक कोर संख्याओं का उपयोग करते हुए वस्तुओं को गिनने में सफल होने पर लर्निंग आउटकम अचीव कर लेता है।
- वीकली प्लान फ्लैक्सिबल बनाया गया है। टीचर मौके के अनुसार स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को गाइड कर सकते हैं और प्लान में बदलाव किया जा सकता है।
- शहर में कई स्टूडेंट्स के पास राइटिंग मैटीरियल नहीं है। कॉपियां, कलर या बुक्स चाहिए जो फिलहाल उपलब्ध नहीं है क्योंकि बुक स्टोर बंद है।
- टीचर को यह पता करने में परेशानी आएगी कि लर्निंग आउटकम अचीव हुआ या नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि टीचर ने काम दिया और स्टूडेंट ने कर लिया इसका रेगुलर फॉलोअप होना बहुत जरूरी है वर्णा लर्निंग आउटकम अचीव नहीं होगा।
- इंटरनेट ऑप्शन नहीं है तो पढ़ाई में दिक्कत आएगी।
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