जिले की मुख्य अनाज मंडी में गेहूं से भरी बोरियों के अंबार लगे हैं, भले ही प्रशासन की ओर से लदान करवाया जा रहा है लेकिन साथ में नई गेहूं की ढेरी लगाने से अनाज मंडी खाली नहीं हो पा रही है। लिफ्टिंग का सिलसिला लगातार चलने पर 5 दिन में मेन अनाज मंडी खाली हो सकेगी। अनाज मंडी में जगह न होने की वजह से कॉटन यार्ड में गेहूं की ढेरी लगाकर खरीद शुरू करवाई गई है जबकि आढ़ती अपने किसान का गेहूं वहां ले जाना नहीं चाहता है। आढ़ती अपनी दुकान के सामने ही अनाज मंडी के शेड व फर्श पर गेहूं उतरवाने, तुलवाने व लदान करवाना चाहता है, इसी कशमकश के बीच प्रशासन की ओर से मेन अनाज मंडी में उतारी जाने वाली गेहूं की खरीद रोकने का कदम उठाना पड़ सकता है।
8200 मीट्रिक टन का लदान कराया जा चुका
मेन अनाज मंडी में अब तक 11 हजार मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है जिसमें से अब तक लगभग 10 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है और 8200 मीट्रिक टन का लदान कराया जा चुका है। इसके बावजूद अनाज मंडी में लगभग 3 हजार मीट्रिक टन गेहूं की लिफ्टिंग बकाया है। इनमें 30 किलो की पैकिंग वाले लगभग 20 हजार बोरी जबकि 50 किलो की पैकिंग वाली लगभग 60 हजार बोरी शामिल हैं। सोमवार को मेन अनाज मंडी में 900 मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा। रविवार 26 अप्रैल व सोमवार 27 अप्रैल को दो दिन गोदाम में अनलिफ्ट वाली एफसीआई की लेबर की सहायता से अनाज मंडी की लिफ्टिंग में तेजी आई है। हालांकि लिफ्टिंग का यह क्रम लगातार जारी रहने पर ही 5 दिन में मेन अनाज मंडी यार्ड व शेड खाली करवाए जा सकेंगे। सोमवार शाम तक जिले की 20 मुख्य मंडियों समेत 442 खरीद केंद्रों पर 5 लाख 1 हजार मीट्रिक टन गेहूं की अराइवल हुई जिसमें से 4 लाख 72 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई जबकि 2 लाख 84 हजार मीट्रिक टन गेहूं का लदान किया गया।
302 करोड़ की अदायगी, 73520 किसानों को पास जारी
जिले में रविवार की शाम तक 55 हजार 968 मीट्रिक टन हुई जबकि अब तक 4 लाख 22 हजार 265 मीट्रिक टन गेहूं खरीद की जा चुकी है। इसमें से 2 लाख 45 हजार 824 मीट्रिक टन कनक की मंडियों से लिफ्टिंग की गई। पनग्रेन ने 11,6132 मीट्रिक टन, मार्कफेड ने 111672 मीट्रिक टन, पनसप ने 99,125 मीट्रिक टन, पंजाब राज वेयर हाउस कारपोरेशन ने 63,613 मीट्रिक टन, भारतीय खुराक निगम ने 31,184 मीट्रिक टन तथा प्राइवेट व्यापारियों ने 449 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद गई। बीती शाम तक 302 करोड़ रुपए की अदायगी की जा चुकी है। वहीं जिले के किसानों को अब तक 73,520 पास कनक मंडी में लाने के लिए जारी किए जा चुके हैं।
नहीं किया जा रहा समय पर भुगतान: भारती
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट अशोक भारती ने कहा कि किसानों को गेहूं की फसल की खरीद के 48 घंटे बाद ही उन्हें पैसे की अदायगी करने के कैप्टन सरकार के सभी वादे और दावे झूठ का पुलिंदा है। पंजाब की विभिन्न मंडियों का दौरा करने के बाद कई खामियां सामने आई हैं। पंजाब सरकार की गेहूं की खरीद को लेकर कारगुजारी से किसान बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 48 घंटे के अंदर गेहूं की पेमेंट का दावा सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। 16 अप्रैल से आज तक हुई गेहूं की खरीद की पेमेंट सरकारी खजाने में ही पड़ी हुई है। कई स्थानों में प्रशासन दावा कर रहा है कि उन्होंने सभी किसानों को भुगतान कर दिया है लेकिन अभी भी ज्यादातर किसान ऐसे हैं जो पिछले 10 दिनों से फसल बेचने के बाद बी पेयमेंट आने का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों को उनकी बिकी फसल का भुगतान तय समय सीमा में किया जाना सुनिश्चित किया जाए क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार से किसानों की सुविधा के लिए सरकार के खजाने में पेयमेंट जारी कर दी थी। इसके बावजूद पंजाब सरकार किसानों को तय समय में राशि का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की है कि किसानों को मंडियों में दाखिल होने के लिए जारी किए गए पास की गिनती बढ़ाई जाए, ताकि किसानों को किसी परेशानी का सामना न करना पडे़। वही जो किसान मंडी में फसल बेच देता है उसे बिना किसी देरी के पैसा जारी किया जाना चाहिए। देश का अन्नदाता कोरोना वायरस के बावजूद अपनी जान जोखिम में डालकर फसल को खेतों से काटकर मंडियों तक पहुंचा रहा है। इसके बावजूद उसे अगर किसी तरह की परेशानी से जूझना पड़ रहा है तो यह राज्य सरकार की नाकामियों को दर्शाता है।
Click here to see more details

إرسال تعليق