इंदौर (सुमित ठक्कर).पूरे विश्व में कोरोनावायरस के खौफ में शासन-प्रशासन जहां हर एक सूचना को गंभीरता से ले रहा है, लेकिन इंदौर के स्वास्थ्य विभाग का आलम ही कुछ ओर है। यहां न तो विदेश से आने वालों की कोई सूची बनी है और न ही हेल्पलाइन पर आ रही सूचनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। शनिवार को ऐसी ही तीन लापरवाही देखने को मिलीं।

केस 1. अमेरिकी लोगों की सूचना दी तो कहा- आप ही अस्पताल ले आओ

विजय नगर के एक होटल में शनिवार सुबह दो अमेरिकी नागरिकों ने चेक इन किया। होटल कर्मचारियों ने विजय नगर थाने में सूचना दी तो पुलिस ने कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन पर जानकारी देने को कहा। होटल की ओर से हेल्पलाइन पर कई बार कॉल किए लेकिन हेल्प नहीं मिली। कर्मचारी दोबारा थाने आए तो पुलिस ने डॉक्टर संतोष सिसौदिया का नंबर दिया। सिसौदिया को फोन किए तो उन्होंने अमेरिकी नागरिक को हुकुमचंद हास्पिटल लाने को कह दिया। जबकि विभाग को टीम भेजकर जांच करनी चाहिए थी। सूचना के 3 घंटे तक न टीम पहुंची न दोबारा कोई जानकारी ली। भास्कर रिपोर्टर ने होटल कर्मचारी बन डॉक्टर संतोष सिसौदिया से बात की तो उन्होंने कहा- उनको 14 दिन होटल में ही रखो और फोन काट दिया।

केस 2. इटली से आए मेडिकल छात्र को बिना चैकअप लौटाया

स्कीम 74 में एक मेडिकल छात्र इटली से 6 मार्च को इंदौर आया था। एयरपोर्ट पर आइसोलेशन हुआ, रिपोर्ट नेगेटिव रही और वह घर आ गया। शुक्रवार रात किसी रहवासी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उसे मेडिकल कर रिपोर्ट लाने को कहा। छात्र ने एमवायएच जाकर इटली से आने की बात कही तो वहां बजाए चैकअप के डाक्टरों ने लक्षण जानकर उसे बेवजह परेशान न होने का बोलकर घर भेज दिया। रहवासियों केे दबाव पर छात्र ने शनिवार को दोबारा परीक्षण कराया। रिपोर्ट नेगेटिव मिली। लेकिन पहली बार उसके इटली से आने की बात जानने के बाद भी एमवायएच में गंभीरता नहीं दिखाई गई।

केस 3. कैलिफोर्निया से लौटी महिला तक नहीं पहुंची जांच टीम

स्नेहलता गंज में रहने वाली महिला कैलिफोर्निया से लौटी थी। उसकी पूरी मल्टी में लोग चिंतित थे। महिला के पति ने शनिवार सुबह एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग इंदौर के हेल्पलाइन नंबर पर कई बार फोन किया, लेकिन उनका संपर्क किसी डाक्टर से नहीं हुआ। परेशान होकर उन्होंने भास्कर से मदद ली तो भास्कर ने उन्हें चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिस का नंबर दिया। जब महिला के पति ने उन्हें कॉल किया तो उन्होंने फोन पर ही जानकारी ले ली और कह दिया कि अगर आप को कुछ भी सर्दी या बुखार के लक्षण लगे तो कॉल करना। हमारी टीम जांच के लिए आ जाएगी। लेकिन कोई टीम नहीं पहुंची।


प्रतीकात्मक तस्वीर



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