इंदौर.कोरोना वायरस को लेकर देशभर में अलर्ट है। नियंत्रण के दावे किए जा रहे हैं लेकिन हकीकत इससे उलट है। विदेशों से लौटकर आए लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर सूचना मिलने के बाद भी विभाग सक्रियता नहीं दिखा पा रहा है। अस्पतालों में भी बचाव के इंतजाम नहीं हैं!

नागदा:इटली से लौटी युवती का 28 दिन बाद होगा चेकअप

कोरोना वायरस को लेकर हाई अलर्ट के बीच इटली से एक प्रतिष्ठित परिवार की युवती 20 फरवरी को नागदा लौट आई थी। 28 दिन तक इसकी जानकारी सामने नहीं आई। शुक्रवार को भास्कर ने एसडीएम आरपी वर्मा और मंडी थाना प्रभारी एसएस शर्मा को सूचना दी तो वे भी हैरत में पड़ गए। देर शाम सरकारी अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर कमल सोलंकी ने परिवार से संपर्क किया तो सूचना सही निकली। इसके बाद शाम 7 बजे डॉ. सोलंकी को परिजनों ने आश्वस्त किया कि वे शनिवार को उज्जैन जिला अस्पताल में युवती का मेडिकल चेकअप कराएंगे। फिलहाल युवती इंदौर में है।

डॉ. सोलंकी के अनुसार विदेश से लौटने वालों की जानकारी एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा संबंधित जिला अस्पताल को दी जाती है। इस सूची में पांच लोगों की जानकारी हमारे पास आई थी, जिनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा चुका है। इस युवती की जानकारी नहीं मिली थी। युवती का परीक्षण निजी प्रैक्टिशनर डॉ. स्वप्निल जैन ने किया था। उन्होंने भी जिला अस्पताल में चेकअप का सुझाव दिया था। परिजनों का कहना हैं कि वे चेकअप करा चुके हैं। बावजूद एहतियात बतौर शनिवार को मेडिकल चेकअप कराएंगे।

खंडवा : फटे ग्लब्स पहन उठाया स्ट्रैचर, एंबुलेंस भी जाम में फंसी

काेराेना संक्रमित मरीज का किस तरह उपचार किया जाएगा, इसे लेकर शुक्रवार काे जिला अस्पताल में हुई मॉकड्रिल में व्यवस्था की पोल भी खुल गई। सफाईकर्मी ने फटे हुए ग्लब्स पहनकर स्ट्रैचर उठाया। वहीं पैरामेडिकल स्टाफ के सिर के अागे का हिस्सा टोपी से नहीं ढंक पाया। ड्रेस भी पूरे शरीर को कवर नहीं कर पाई। मरीज को ले जा रही एंबुलेंस लेडी बटलर अस्पताल के सामने जाम में फंस गई। लगभग 10 मिनट बाद एंबुलेंस कोरोना के संदिग्ध मरीज (सिविल सर्जन के भृत्य बलिराम पटेल) को लेकर ट्रामा सेंटर के आइसोलेशन वार्ड पहुंची। मॉक ड्रिल के दौरान मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ उपस्थित रहा।

ग्वालियर:लंदन से आया छात्र, मां स्क्रीनिंग के लिए लगाती रही गुहार

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, लेकिन जिम्मेदार अमला इसे लेकर सक्रिय नहीं है। दौलतगंज निवासी मीतू अग्रवाल का बेटा प्रखर लंदन(नॉटिंघमशायर) से मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहा है। लंदन में भी कोरोना का कहर है। इस कारण प्रखर 18 मार्च को सुबह 11.30 बजे लंदन से नई दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा। यहां सिर्फ उसके शरीर का तापमान मापा और रवाना कर दिया गया। प्रखर के परिजन उसे गुरुवार को ग्वालियर ले आए। शुक्रवार को मीतू ने सरकार द्वारा जारी किए गए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल किया, जिससे प्रखर की स्क्रीनिंग हो सके। लेकिन हर जगह से उन्हें टरकाने वाला जवाब मिला। परेशान होकर शाम को उन्होंने एडीएम को ई-मेल के जरिये शिकायत की। शाम को डॉ. आरके गुप्ता इनके घर पहुंचे और प्रखर की जांच की। प्रखर को एक कमरे में परिजनों ने ही एहतियात के तौर पर आइसोलेट किया है। प्रशासन की यह लापरवाही तब है, जब कोरोना को लेकर पूरे देश में अलर्ट है।
मॉकड्रिल में कोरोना के संदिग्ध मरीज को लेकर फटे ग्लब्स से स्ट्रेचर उठाकर आइसोलेशन वार्ड में ले जाते कर्मचारी।



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