बस पड़ाव के आस पास पड़ी सामग्री।
जैन्तगढ़| चम्पुअा में कुछ स्थानों पर देर रात तक महफ़िल सजी रहती है। युवा सिगरेट, गुठखा, कोरेक्स, शराब अदि का सेवन करते रहते हैं। अभी शिव रात्रि मेला लगा है दूर-दराज से महिलाओं की टोली मेला घूमने आती हैं। बस पड़ाव के आस पास अड्डा बाजी को लेकर असहज महसूस करती हैं। खाली दिनों में भी 10 से ग्यारह बजे तक अड्डा बाजी आम बात है। चंपुआ में बस पड़ाव, कचेरी पुड़िया, नेहरू स्टेडियम, तहसील चौक आदि में देर रात तक महफ़िल सजी रहती है। बस पड़ाव में तो नशेड़ियों का बाकायदा मजमा लगता है। रात्रि बसें 11 बजे तक चलती है। आने जाने वाले यात्री असहज महसूस करते हैं। रात में महफ़िल सजाने झारखण्ड क्षेत्र से भी कुछ शौकीन लोग चंपुआ जाते है। बस पड़ाव के पिछवाड़े में शराब, कॉरेक्सऔर सिगरेट की अपशिष्ट और बोतले अपनी कहानी खुद बयां करती है। समाज सेवी महेंद्र महतो ने प्रशासन से अड्डा बजी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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