लचर बैकिंग व्यवस्था के कारण मंगलवार को बैंक अाॅफ इंडिया के मुटुरखाम शाखा के बाहर एक बीमार बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। बीमारी की हालत में बुजुर्ग प्रधानमंत्री अावास निर्माण के लिए पैसे निकालने बैंक पहुंचे थे। नियमत: बीमार अथवा असहाय लोगों को बैंक मित्र घर जाकर राशि मुहैया कराते हैं। जानकारी के अनुसार, चाकुलिया प्रखंड स्थित माटियाबांधी पंचायत के पाकुड़िया निवासी निमाई टुडू (72 वर्ष) बीमारी की हालत में प|ी मेवे टुडू एवं बेटे के साथ टाटा मैजिक से मुटुरखाम स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पीएम आवास के पैसे निकालने गए थे। सुबह करीब 10 बजे बैंक पहुंचने पर शाखा प्रबंधक ने बैंक का लिंक फेल होने के कारण इंतजार करने को कहा। इसके बाद निमाई प|ी के साथ टाटा मैजिक में ही लेटकर इंतजार कर रहे थे। इसी बीच दोपहर करीब 12.30 बजे निमाई को दिल का दौरा पड़ा और वाहन में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। निमाई की प|ी ने बैंक के अंदर बैठे बेटे को घटना की जानकारी दी तो उसने हल्ला शुरू कर दिया। सूचना पाकर जिप सदस्य जगन्नाथ महतो, मटियाबांधी मुखिया प्रतिनिधि हरगोविंद सिंह और वार्ड सदस्य पिंटू महतो मौके पर पहुंचे।
परिजनों ने बताया- निमाई कुछ दिनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। गांव में एक डॉक्टर से उनका इलाज चल रहा था। पीएम आवास के लिए निमाई के खाते में 25 फरवरी को 85 हजार रुपए आए थे। 28 फरवरी को पहली किस्त के 45 हजार रुपए निकाले गए थे। मंगलवार को दूसरी किस्त के शेष 40 हजार रुपए निकालने निमाई बैंक पहुंचे थे।
बुजुर्ग की मौत के बाद प|ी को दी राशि
पंचायत प्रतिनिधियों ने बैंक की लापरवाही बताई
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा- ग्रामीणों को पैसे उनके घर जाकर बीसी (बैंक मित्र) के माध्यम से दिया जाना है। इसके अलावा यदि कोई बीमार अवस्था में बैंक पहुंचता है तो सबसे पहले उसे पैसे दिया जाना चाहिए। परंतु बैंक द्वारा इन नियमों का पालन नहीं किया गया है। इसकी शिकायत हुए उपायुक्त से की जाएगी। इधर, बैंक की शाखा प्रबंधक अनिता मार्डी ने कहा- यदि बैंक प्रबंधन की गलती है तो वह इसके लिए माफी मांगने को तैयार हैं।
बीडीओ के आदेश पर प|ी को मुहैया कराई गई राशि
इधर, मामले की जानकारी बीडीओ लेखराज नाग को दी गई। बीडीओ ने बैंक की शाखा प्रबंधक को फोन पर निर्देश दिया कि तत्काल लाभुक के पैसे उसकी प|ी के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाए। इसके बाद शाखा प्रबंधक ने लाभुक के पैसे उनकी प|ी के अकाउंट में ट्रांसफर कराए और 40 हजार निकालकर मृतक की प|ी को सौंपा। बैंक प्रबंधन की ओर से भी 5 हजार रुपए का आर्थिक सहयोग किया गया।
मृतक निमाई टुडू।
बैंक मैनेजर से फोन पर बात करते जिप सदस्य जगन्नाथ महतो।


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