संत गहिरा गुरु यूनिवर्सिटी द्वारा वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के ग्रेडेशन के लिए रविवार को आयोजित की गई कौशल परीक्षा का बहिष्कार करने के बाद सोमवार को ये कर्मचारी एक दिन हड़ताल पर रहे।

यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों में करीब 120 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी कार्यरत हैं। एक साथ 90 फीसदी से अधिक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सोमवार को यूनिवर्सिटी में कामकाज ठप हो गया और इससे छात्र परेशान रहे। छात्रों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। कर्मचारियों ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि परेशान करने के लिए ऐसा किया जा रहा है जबकि शासन से ऐसा कोई आदेश नहीं है। उन्होंने प्रबंधन से दस वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए ऐसी परीक्षा आयोजित कराने के लिए नियमों की जानकारी दिखाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रबंधन द्वारा परीक्षा से ग्रेडेशन कर कर्मचारियों परेशान करने की साजिश की जा रही है। उधर प्रबंधन ने इससे इनकार करते हुए कहा कि कौशल परीक्षा से दैनिक
वेतनभोगी कर्मचारियों को ही भविष्य में फायदा होगा।

कर्मचारी बोले- प्रबंधन को उन्हें नियमित करना चाहिए

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने बताया कि वे दस साल से यहां काम कर रहे हैं। पहले प्रबंधन द्वारा कुशल व अकुशल ग्रेड के आधार पर 83 दिन की नियुक्ति का आदेश दिया जाता था, लेकिन अब नहीं दिया जा रहा है। अब कौशल परीक्षा से कुशल, अर्द्धकुशल व अकुशल ग्रेड निर्धारित करने की बात की जा रही है। कुशल ग्रेड का कर्मचारी कौशल परीक्षा में यदि सफल नहीं होगा तो उसे अकुशल बताकर निकाला भी जा सकता है या फिर ग्रेड नीचे किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब 10 वर्ष से काम कर रहे हैं तो प्रबंधन को नियमित करने की कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन ये कौशल परीक्षा ले रहे हैं।

विद्यार्थी हुए परेशान, कोई प्रवेश पत्र लेने तो कोई रोल नंबर की गड़बड़ी सुधरवाने के लिए विश्वविद्यालय पहुंचा था

काम नहीं होने से निराश होकर लौटे छात्र

यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग सहित अन्य विभागों में आफिस से संबंधित सारे काम दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी ही संभालते हैं। हड़ताल से इन विभागों में कामकाज सोमवार को बंद रहा जिससे छात्र परेशान रह। प्रतापपुर से आए छात्र अशोक कुमार ने बताया कि वह प्राइवेट से बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा में इस साल शामिल होगा। अभी तक उसका प्रवेश पत्र नहीं आया और न ही ऑनलाइन यह दिख रहा है। इसीलिए सोमवार को यूनिवर्सिटी आया था, लेकिन हड़ताल से काम नहीं हो पाया। पीजी काॅलेज अंबिकापुर में बीएससी के छात्र राजकुमार ने बताया कि उसे दो रोल नंबर आवंटित हो गए हैं। कौन सा रोलनंबर सही है, इसकी जांच के लिए यूनिवर्सिटी आए थे, लेकिन पता चला कर्मचारी हड़ताल पर है।

नियमित भर्ती नहीं होने से बन रही ऐसी स्थिति

यूनिवर्सिटी में करीब छह साल पहले विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। नियमों का पालन नहीं होने से बाद मेें भर्ती निरस्त हो गई। इसके बाद दोबारा भर्ती के लिए सिर्फ कागजी कार्रवाई ही होती रही और कर्मचारियों की जरूरत के लिए दैनिक वेतनभोगियों से काम लिया जाता रहा। बताया जा रहा है कि वर्तमान में 120 दैनिक वेतनभोगी यहां काम कर रहे हैं। यदि शुरू में ही इन पदों पर नियमित भर्ती हो जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। सबसे खास बात यह है कि परीक्षा जैसे गोपनीय विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी ही पूरा काम संभालते हैं।

किसी को काम से नहीं निकाला जाएगा


विनोद कुमार एक्का, कुलसचिव, संत गहिरा गुरु यूनिवर्सिटी, सरगुजा

यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन के परिसर में विरोध जताते दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी।



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