जमुई. जनता कर्फ्यू को जिले के लोगों का पूरजोर समर्थन मिला। सड़कों पर नहीं निकले लोग। दुकानों में ताला लगा रहा। शहर केसदर अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। आपातकालीन चिकित्सा के तहत करीब 40 मरीजों का इलाज किया गया। कर्फ्यू के दौरान अस्पताल के वरीय पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी चौकस दिखे। अस्पताल उपाधीक्षक डाॅ. सैयद नौशाद अहमद ने बताया कि संक्रमण रोकने को लेकर अस्पताल परिसर में एक सात वेड का आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। इसके अलावा गैर संचारी कक्ष में चिकित्सक सहित स्वास्थ्य कर्मी की अलग-अलग समय में ड्यूटी भी लगाई जा रही है।

जनता कर्फ्यू के दौरान गिद्धौर स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा।

जनता कर्फ्यू के दौरान दूसरे राज्यों में रहने बाले करीब 11 मरीजों का जांच किया गया, साथ ही बताया कि मंडल कारा से सुजीत कुमार, सदर प्रखंड क्षेत्र के चौडीहा निवासी लक्ष्मण कुमार, खैरा परासी से सोनु कुमार, सोनो डूमरी निवासी अमन कुमार, लालपुर खैरा निवासी अवधेश कुमार, दिलीप कुमार, जितेंद्र पासवान, पवन कुमार, संदीप कुमार, मृत्युंजय कुमार सहित अन्य लोग पारिवारिक भरण-पोषण को लेकर देश के अलग-अलग जगहों में विभिन्न तरह के काम करते थे। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए ये सभी अपने घर आए थे। जानकारी के बाद उक्त लोगों को प्रारंभिक जांच के लिए सदर अस्पताल लाया गया। अस्पताल उपाधीक्षक ने यह भी बताया कि जिले के करीब 25000 लोग देश के अन्य हिस्सों में काम करते हैं और वर्तमान में घर आए हुए हैं। संक्रमण कम करने को लेकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रारंभिक जांच को लेकर सदर अस्पताल लाया जा रहा है।31 मार्च तक जिले के सभी प्रखंड व मुख्यालय में बना आरटीपीएस काउंटर पूरी तरह से बंद रहेगा।

कोरोना वायरस से बनी संकट की स्थिति के बीच जमुई जनता कर्फ्यू जैसे महायज्ञ का साक्षी बना। रविवार सुबह सात से रात नौ बजे के बीच ‘जनता क‌र्फ्यू’ के 14 घंटे का लोगाें ने खुले दिल से स्वागत किया और संयम के साथ महामारी के चक्र को ताेड़ने के लिए अपने अपने घराें से नहीं निकले। इसी बीच कोरोना वायरस के दो संदिग्ध को भागलपुर मायागंज अस्पताल भेजा गया है।

इधर, डीएम धर्मेंद्र कुमार के निर्देश पर माईकिंग कर जिला भर में 31 मार्च तक होटल, प्रतिष्ठान व रेस्टोरेंट, चाय पान की दुकान सहित ऐसे प्रतिष्ठान जहां दस से ज्यादा लोगों का जमावड़ा हो उसे बंद रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही आम लोगों से अपील की कि वे 31 मार्च तक घर से बाहर न निकलें। रविवार को जनता कर्फ्यू का मुख्यालय से लेकर दूर दराज के गांव तक व्यापक असर दिखा और सन्‍नाटा पसरा रहा। लोगों ने खुद को घरों त‍क सीमित रखा। बाजार स्‍वत: स्‍फूर्त बंद रहे। सरकारी, निजी परिवहन पूरी तरह बंद रहा।

जिला पुलिस की गश्ती वाहन दिन भर बाजार में घूमते रहे और बाजार की स्थिति पर नजर बनाए रखा। जनता कर्फ्यू का जमुई मुख्यालय में व्यापक असर देखने को मिला। सुबह में आम दिनों में जहां सब्जी मंडी में पैर रखने तक की जगह नहीं रहती थी वहां सन्नाटा पसरा रहा। बाजार में एक भी दुकानें खुली नहीं थी। पार्क, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, चौक-चौराहे पर सन्नाटा पसरा रहा। मोकामा से प्राईवेट वाहन रिजर्व कर जमुई तक पहुंचे पांच युवक झाझा बस स्टैंड पर वाहन का इंतजार करते रहे। सभी ने बताया कि वे मोकामा से वाहन रिजर्व कर जमुई तो पहुंच गए लेकिन जमुई से मटिया जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिल रहा है। सभी सड़क किनारे वाहन का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें कोई वाहन नहीं मिला।
रविवार को कोरोना वायरस को लेकर जनता कर्फ्यू के दौरान चकाई में सभी दुकानें बंद रहीं। लोग अपने-अपने घरों में ही दुबके रहे जिससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।



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