भागलपुर. देशभर में ट्रेनों के परिचालन के रोक की घोषणा के बाद रविवार सुबह से भागलपुर स्टेशन से खुलने वाली करीब एक दर्जन से ज्यादा एक्सप्रेस, मेल व पैसेंजर ट्रेनें नहीं चलीं। इससे पूरा प्लेटफार्म सूना रहा। लेकिन सुबह करीब 10 बजे जब वनांचल एक्सप्रेस आई तब यात्रियों की भीड़ इतनी हो गई कि दोनों एंट्रेंस गेट पर दो-दो थ्री-चेयर लगाकर करीब एक फीट का रास्ता बनाकर बारी-बारी से थर्मल स्कैनर से ट्रेन से उतरने वालाें की जांच की गई। वनांचल एक्सप्रेस से करीब 200 यात्री उतरे थे तो आधे-पौन घंटे में सबकी जांच हो गई। लेकिन दोपहर करीब डेढ़ बजे के आसपास जब दिल्ली से विक्रमशिला एक्सप्रेस आयी तो यात्रियों की भीड़ ने रेल प्रशासन के तमाम प्रयासों को धता बता दिया।

विक्रमशिला से करीब 4 हजार यात्री उतरे। इन यात्रियों की पांच थर्मल स्कैनर से मात्र पांच-छह कर्मी ने जांच शुरू की। करीब आधे घंटे तक तो सब ठीक-ठाक रहा। यात्री लाइन में लगकर जांच कराने लगे, लेकिन इसके बाद भीड़ बेकाबू हाे गयी। जांच में देरी हाेता देख उन्हाेंने धैर्य खाे दीया। बैरिकैड लांघकर यात्री बिना जांच कराए ही बाहर निकल गए। रेल पुलिस व मेडिकल टीम की मिन्नतें काम नहीं आईं। इस कारण करीब दो हजार यात्रियों की जांच नहीं हो पाई। लेकिन यह खुद यात्रियाें अाैर उनके परिवार के लिए यह ठीक नहीं है। यदि काेई अपनी जांच नहीं कराते हैं ताे उनके माध्यम से उनके परिवार पर भी खतरा उत्पन्न हाे सकता है। यह चूक उनके लिए घातक हाे सकता है। जब यात्री बाहर निकले ताे टेम्पो, रिक्शा आदि के लिए काफी देर तक इंतजार करते रहे। लेकिन उन्हें जब कोई सवारी नहीं मिली तो पैदल ही घर की अाेर चले गए।

पहली बार स्टेशन सैनिटाइज्ड

पहली बार रविवार को स्टेशन स्थित तमाम विभागों का पूर्ण सैनिटाइजेशन किया गया। कमराें में सैनलॉन का स्प्रे किया गया। सफाई एजेंसी रिलाइबुल कंक्रीट कोरपोरेशन, कोलकाता के सफाई कर्मी करण कुमार हरि ने बताया कि सैनलॉन कैमिकल वायरस को मारता है।

पांच लाख का टिकट हुआ रिफंड

31 मार्च तक ट्रेन नहीं चलने को लेकर रविवार को करीब पांच लाख रुपए के रेल टिकट लोगों ने वापस कराए। अनरिजर्व काउंटर पर कोई यात्री नहीं आया। जिससे प्रतिदिन का करीब 25 लाख रुपए की रेल टिकट की बिक्री प्रभावित हुई।

चलती ट्रेन में सफाई नहीं हुई

विक्रमशिला एक्सप्रेस से उतरे इस्माइलपुर निवासी सरफराज, मो. सद्दाम, रमीज राजा आदि ने बताया कि आनंद विहार से 2:40 बजे ट्रेन खुली। तब से भागलपुर पहुंचने तक रास्ते में कहीं भी सैनिटाइजेशन नहीं हुआ। ना कोई सफाई वाले आए।
विक्रमशिला एक्सप्रेस से उतरने वाले यात्रियाें की थर्मल किट से जांच करती मेडिकल टीम। अाधे घंटे बाद ही यहां यात्रियाें का धैर्य जवाब दे गया अाैर लाेग बिना जांच कराए ही निकल गए।



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