रोटरी क्लब ऑफ मिडटाउन कपल्स के लोग न केवल समाज में लाचार व निर्धन लोगों की मदद कर रहे हैं, बल्कि शिक्षित भारत-निर्माण की दिशा में भी महती भूमिका निभा रहे हैं। गरीब उम्रदराज लोगों को पढ़ा-लिखाकर कर उन्हें समाज में मान दिलाने को लेकर संस्था के लोग बढ़-चढ़कर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जिले के वैसे प्रौढ़ लोगों को शिक्षित करने का कार्य शुरू किया है, जो काफी गरीब तो थे ही, अधिक उम्र होने के कारण अशिक्षित भी थे। संस्था ने वैसे लोगों के लिए प्रौढ़ शिक्षा केंद्र खोले हैं। मिड टाउन कपल्स के प्रवक्ता अनूप केजरीवाल ने इस संबंध में बताया कि यह प्रौढ़ शिक्षा केंद्र झुग्गी झोपड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले फुटपाथी दुकानदारों, ठेला, खोमचा आैर मजदूरी तथा दिहाड़ी पर काम करने वाले मजदूरों और उनके परिवार के लोगों के लिए है। उन्हें पहले तो प्रोत्साहित कर प्रौढ़ शिक्षा केंद्रों में मुफ्त दाखिला दिलाया गया और अब उन्हें नि:शुल्क ही शिक्षा भी दी जा रही है। इस प्रौढ़ शिक्षा पर शिक्षकों के मानदेय में खर्च होने वाली राशि संस्था के सदस्य आपस में मिलकर वहन करते हैं। प्रवक्ता अनूप ने बताया कि केंद्रों में ब्लैक बोर्ड, डस्टर, चॉक, मकान भाड़ा आदि की राशि भी संस्था अपने फंड से ही देती है।

छह महीने में 10 केंद्र खुले

जिले में सितंबर 2019 से फरवरी 2020 तक जिले में अब तक कुल 10 प्रौढ़ शिक्षा केंद्र खोले गए। प्रत्येक केंद्र में 20 से 25 लोगों को शिक्षित किया जा रहा है। जिन महिला-पुरुषों को प्रौढ़ शिक्षा दी जा रही है, वे जिले के सुदूर तथा ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोग शामिल हैं। ऐसे केंद्र झोपड़ी कालोनी, दुंदीबाद, कुलटांड़, चौवाटांड़, डाबर टुपरा, भंडरो, कठुवारी, उलगोड़ा- एक, सोनाटांड़, उलगोड़ा- दो में संचालित किए जा रहे हैं।

प्रौढ़ शिक्षा में पढ़ाई करती महिलाएं।

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