सीसीएल बरका-सयाल प्रक्षेत्र के भुरकुंडा कोलियरी अंतर्गत बलकुदरा आउटसोर्सिंग माइंस के कोयला में आग लग चुकी है। बलकुदरा माइंस में लाखों टन कोयला खुले रूप में पड़ा हुआ है। आग पर काबू नहीं पाया गया तो लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है। सीटीओ नहीं मिलने के कारण पिछले करीब दो माह से बलकुदरा माइंस बंद पड़ा है।

 माइंस के बंद होने के कारण कोयला में आग लग गई है। इतना ही नहीं माइंस से कोयला माफिया अवैध रूप से कोयला की चोरी में जुटे हैं। बलकुदरा आउटसोर्सिंग माइंस सीटीओ नहीं मिलने के कारण पिछले एक जनवरी से बंद कर दी गई है।

 माइंस के बंद होने से करीब छह लाख टन कोयला खुले रूप में पड़ा हुआ हैं। आग धीरे धीरे बढ़ती हुई माइंस को अपनी चपेट में लेती जा रही है। माइंस के बंद होने के बाद कोयला माफियाओं की भी नजर खुले कोयला पर पड़ी हुई है।

प्रयास के बाद भी सीसीएल प्रबंधन को नहीं मिली ईसी

सीसीएल भुरकुंडा कोलियरी प्रबंधन पिछले छह वर्षों से केंद्रीय पर्यावरण विभाग दिल्ली से पर्यावरण स्वीकृति के लिए प्रयासरत है। प्रबंधन वर्ष 2014 से पर्यावरण स्वीकृति के लिये प्रयास कर रही है। लेकिन छह वर्ष बीत जाने के बाद भी स्वीकृति नहीं मिल पाई है।

जल्द मिल जाएगी सीटीओ : पीओ

भुरकुंडा कोलियरी के पीओ अशोक कुमार ने कहा की प्रबंधन सीटीओ के लिए प्रयास कर रहा है। फरवरी माह के अंत तक सीटीओ मिल जाने की संभावना है। बलकुदरा माइंस के कोयला में लगी आग मामले पर कहा कि प्रबंधन आग को बुझाने जुटा है।

Bhurkunda News - coal burning due to fire in balakudra outsourcing mines


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