पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला नेशनल पार्क में एक बाघिन मृत अवस्था में पाई गई। वन विभाग की पेट्रोलिंग टीम ने शनिवार रात बाघिन का शव बरामद किया। परियाेजना निदेशक वाईके दास के अनुसार, बाघिन 14 साल की थी। वह रात में शिकार में निकली थी। इस दाैरान जंगली भैंसाें में उसकी भिड़ंत हाे गई। उम्र ज्यादा हाेने से बाघिन भैसों के सामने टिक न सकी।
पेट में सिंग लगने से उसकी माैत हाे गई। रात करीब 8.30 बजे विभाग की पेट्रोलिंग टीम रोड नंबर दो से लौट रही थी। इसी दौरान सड़क के किनारे बाघिन को बैठे देखा। ड्राइवर ने गाड़ी रोक दी। सूचना पर रेंजर प्रेम प्रसाद समेत कई अधिकारी पहुंचे। जांच में बाघिन मृत पाई गई। जांच के लिए बेतला पार्क सील कर दिया गया है। बता दें कि इस घटना से 2019 की गणना में तीन बाघाें के देखे जाने का दावा सच निकला।
ओरमांझी(रांची) से आए डॉ. अजय कुमार के नेतृत्व में डॉ. चंदन कुमार डे अाैर उनकी टीम ने बाघिन का पोस्टमार्टम किया। डॉ. अजय कुमार ने बताया कि उसकी मौत जंगली भैंसों से भिड़ंत में हुई है। बाघिन के पेट में सिंग के जख्म हैं। चोट लगने के कारण बाघिन को हार्ट अटैक हो गया था अाैर उसकी मौत हो गई।
पेट में भैंसों के सिंग लगने से हुई माैत
पाेस्टमार्टम में माैत का कारण-चाेट लगने के बाद हार्ट अटैक
मौत स्थल पर भैंसों के पैराें के निशान : वाईके दास
निदेशक वाईके दास ने बताया कि जिस जगह पर बाघिन की मौत हुई है, वहां बायसन (जंगली भैस) के पैर के निशान मिले हैं। पैराें के निशान को देखकर लगता है कि जंगली भैस के झुंड से बाघिन की भिड़ंत हुई थी। बाघिन की उम्र करीब 14 साल थी। उसके पेट में सुराग मिला है। शायद भैस के सिंग से उसे चाेट लगी थी अाैर इससे माैत हाे गई।
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