कोरोना की रोकथाम के लिए किए गए लॉकडाउन में सबसे ज्यादा सब्जी विक्रेता प्रभावित हो रहे हैं। गांव-गांव में लगने वाले साप्ताहिक बाजार बंद करा दिए गए हैं। गांव के विक्रेता भी सब्जी बेचने शहर पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि कांकेर के साप्ताहिक बाजार में सामान्य दिनों की अपेक्षा दो गुना सब्जी विक्रेता पहुंच रहे हैं। जिससे बाजार में आए दिन स्थानीय पसरा लगाने वालों तथा बाहरी सब्जी विक्रेताओं के बीच बार बार विवाद हो रहा है।
इसे लेकर शनिवार को स्थानीय सब्जी विक्रेताओं ने जिला कार्यालय पहुंच कलेक्टर से शिकायत करते व्यवस्था दुरूस्त करने की मांग की। गांव-गांव के सब्जी विक्रेताओं के शहर में पसरा लगाने के कारण यहां भीड़ बढ़ रही है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए रेडक्रॉस, नगरपालिका, प्रशासन, पुलिस कई बार समझाइश देकर थक चुके हैं। इसके लिए अब यहां कोई प्रयास नहीं हो रहा है।
24 मार्च से लॉकडाउन शुरू होने के साथ लगभग सभी गांवों में साप्ताहिक बाजार लगना बंद हो गए हैं। जिस गांव में बाजार लगाने की अनुमति दी भी गई तो वह भी कुछ ही घंटे के लिए है। जिसमें सब्जी पूरी तरह बिक नहीं पाती। जिससे सब्जी उत्पादकों को काफी परेशानी हो रही है। ग्राम ईच्छापुर में ग्रामीणों व पंचायत ने वहां का सब्जी बाजार बंद करवा दिया जिसमें आमाझोला, घोटिया, मर्दापोटी, गढ़पिछवाड़ी के साथ कांकेर से भी सब्जी व्यावसायी आते थे। वे अब कांकेर बाजार में ही पसरा लगाने लगे हैं। माकड़ी के जयप्रकाश नेगी ने कहा कि पहले दोपहर 2 से शाम 7 बजे तक बाजार लगता था। अब सीमित समय होने के कारण सब्जी बिक नहीं पाती हैं। गोविंदपुर में दोपहर 3 से 4.30 बजे तक ही सब्जी बाजार लगता है।
ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ी, ग्राहकों को फायदा
नया बाजार में अचानक गांव से बड़ी संख्या में सब्जी विक्रेताओं के आने से स्थानीय स्तर पर सब्जी की भी बंपर आवक होने लगी है। इससे उसके दाम गिर गए हैं और शहरवासियों को सस्ते दामों में सब्जी मिल रही है। वहीं दूसरी ओर गांव में बाजार बंद होने से ग्रामीणों को अब सब्जी खरीदने कांकेर तक आना पड़ रहा है। ईच्छापुर के शिवचंद नेताम, भगवान सिंह कांगे ने कहा कि गांव में मंगलवार को लगने वाला बाजार लॉकडाउन शुरू होने के बाद नहीं लग रहा है। सब्जी लेने 5 किमी दूर कांकेर बाजार जाना पड़ता है।
गांव में बाहरी सब्जी विक्रेताओं को रोका
शहर में तो गांव के सब्जी विक्रेता दुकान लगा रहे हैं। लेकिन शहर के स्थानीय सब्जी व्यवसायियों की शिकायत है कि जब वे आसपास गांव में सब्जी लेकर जाते हैं तो उन्हे गांव में व्यापार करने घुसने तक नहीं दिया जाता। जबकि उन गांव के लोग यहां सब्जी पसरा लगाने पहुंच रहे हैं। जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। सब्जी बाजार में इतना ज्यादा पसरा लग रहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन नहीं हो पा रहा है। कोई समझाने वाला भी नहीं है। ग्राम मर्दापोटी में शुक्रवार को सब्जी पसरा लगता था, अब गांव के बाजार में बाहर से दुकान लगाने वालों को आने नहीं दिया जाता। जिन गांवों में बाजार लग रहा है, वहां बाहर के विक्रेताओं को पसरा लगाने नहीं दिया जा रहा है।

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