लोकां दे घर कांटेक्ट ट्रेस करन जाने आं तां दरवाजा ही नईं खोलदे बदतमीजी करदे ने, कैहंदे ने- चले जाओ, तुसीं सानूं करोना कर देणा
‘किसी भी इलाके में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद उस इलाके में 14 दिन तक रुटीन में लोगों के साथ संपर्क साधना पड़ता है। इस दौरान अपनी और परिवार की सुरक्षा की चिंता सताती रहती है। डर रहता है कि कहीं जिम्मेदारी निभाते हुए वायरस अपने घर ही न ले जाएं। सरकार और उच्चाधिकारी भी हमारी सेहत के प्रति संजीदा नहीं हैं। एक महीने में कई वर्कर फील्ड में बेहोश हुईं लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।’ यह बातें सोमवार को सिविल सर्जन दफ्तर पहुंचीं आशा वर्कर यूनियन की प्रधान पूजा और यूनियन की बाकी सदस्यों ने कहीं। वर्कर बोलीं, महामारी दे दिनां विच ओह दिन-रात कम्म कर रहीआं हन। लोकां दे घर जाके कांटेक्ट ट्रेस करदे हां या डिटेल नोट करदे आं तां अद्दा-अद्दा घंटा दरवाजा नई खोलदे, बदमीजी नाल गल्ल वी करदे ने।’ उन्होंने सिविल सर्जन डाॅ. गुरिंदर कौर चावला को मांग पत्र सौंपा और 10 हजार रुपए सैलरी की मांग रखी।
तुसीं लोकां नूं बिमारी क्यों वंड रहे हो?
फील्ड में काम कर रही आशा वर्कर ने बताया कि उन्हें लोगों के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है। कई बार तो लोग गुस्से में कह देते हैं, ‘साडे बूहे नूं हत्थ लाउण दी हिम्मत किवें कीती? सरकार ने किसे अनजान नूं मिलण तों मना कीता है तां तुसीं क्यों आ रहीआं हो। तुसीं तां लोकां नूं बिमारी वंड देणी है।’ वर्करों का कहना है कि यहीं बात खत्म नहीं होती कई बार तो लोग उन्हें धमकियां भी देते हैं कि उनके पहचान वाले पुलिस में हैं। एरिया में पॉजिटिव मरीज मिला है तो इसमें हम अपनी जानकारी क्यों दें।
मांग : हमारा 50 लाख का बीमा हो
पिछले दिनों बस्ती गुजां में आशा वर्कर फील्ड में सर्वे के दौरान बेहोश हो गई थी। इसका कारण है कि सेहत विभाग ने जो पीपीई किटें मुहैया करवाई हैं, वे तिरपाल की बनी हैं। इस बारे सेहत विभाग के फील्ड स्टाफ को भी जानकारी है लेकिन आशा वर्कर्स के बारे कोई सुध नहीं ली गई। यहां तक कि विभाग ने कह दिया है कि अपनी सुरक्षा खुद करें। आशा वर्कर यूनियन ने मांग की है कि हर सदस्य का 50 लाख रुपए का बीमा किया जाए और उनकी ड्यूटी घर के पास ही लगाई जाए।
चेतावनी : 7 मई से बंद कर देंगे काम
पंजाब स्टेट एड्ज कंट्रोल सोसायटी और सेहत विभाग के अधीन पिछले 20 साल से काम कर रहे कर्मचारियों ने भी अब विभाग के सामने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को यूनियन ने कहा कि पिछले दिनों सेहत विभाग ने नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों की सैलरी 18 फीसदी तक बढ़ा दी है। विभाग ने सोसायटी के कर्मचारियों के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया। कमेटी ने फैसला किया है कि 7 मई से पूरे पंजाब में ओएसटी सेंटर, ओट सेंटर, एचआईवी टेस्टिंग, एआरटी सेंटर में काम करने वाले कर्मचारी काम करना बंद कर देंगे।
लोकां दे घर कांटेक्ट ट्रेस करन जाने आं तां दरवाजा ही नईं खोलदे बदतमीजी करदे ने, कैहंदे ने- चले जाओ, तुसीं सानूं करोना कर देणा
Lokande ghar to know the contact trace and the door has been opened by the ill-mannered, Kaihande - Go away, Tussi sanun karona kar deana



Post a Comment

أحدث أقدم