पंजाब सीबीएसई स्कूल एसोसिएशन बटाला यूनिट की मीटिंग शहर के एक प्राइवेट स्कूल में की गई। पूर्व भाजपा विधायक व एसोसिएशन के चेयरमैन जगदीश साहनी की प्रधानगी में हुई मीटिंग में सोशल डिस्टेंसिग का विशेष ध्यान रखा गया था। मीटिंग में पंजाब सरकार की प्राइवेट स्कूलों के प्रति अपनाई जा रही नीति की आलोचना की गई।
जगदीश साहनी ने बताया कि पंजाब सरकार प्राइवेट स्कूल के साथ पक्षपात की रवैया अपना रही है। पिछले डेढ़ महीने से कर्फ्यू लगा होने के कारण स्कूल बंद हैं, जिससे नए सैशन के दाखिले सहित स्कूलों की अन्य गतिविधियां बंद पड़ी हुई हैं। प्राइवेट स्कूलों की गतिविधियां बंद होने का फायदा सरकारी स्कूल उठा रहे हैं। सरकारी स्कूलों के अध्यापक घर-घर जाकर राशन बांटने के साथ बच्चों के दाखिले भी कर रहे हैं। दूसरी तरफ सरकार की सारी बंदिशें प्राइवेट स्कूलों पर लागू हो रही है। साहनी ने कहा कि लॉकडाउन तो सभी पर लागू होता है, लेकिन सरकार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाकर सरकारी स्कूलों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
जगदीश साहनी ने कहा कि जिला गुरदासपुर में करीब 583 प्राइवेट स्कूल हैं, जिनमें करीब 16 हजार स्टाफ है। अगर किसी भी स्टूडेंट से फीस न ली गई तो स्टाफ को वेतन कहां से देंगे और साथ ही स्कूलों के खर्च जैसे बिल्डिंग लोन, बिजली बिल, इंटरनेट बिल, टैक्स, इंश्योरेंस, ईपीएफ और ईएसआई कैसे अदा करेंगे। इस मौके पर जगतपाल महाजन, गुरदयाल सिंह, अंबिका खन्ना, ताज प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।
समस्या का समाधान न हुआ तो जाएंगे हाईकोर्ट
साहनी ने कहा कि डीसी इश्फाक से मीटिंग कर सारी स्थिति से अवगत करवाया जाएगा। इसके अलावा पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला और शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव कृष्ण कुमार को भी मिलकर बात की जाएगी। अगर सरकार ने फिर भी उनकी बात पर ध्यान न दिया तो हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे और प्रदर्शन किए जाएंगे।

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