प्रदेश में रोजाना कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग के कच्चे कर्मचारी हर रोज अपनी ड्यूटी निभाते हुए आमजन को पेयजल मुहैया करवा रहे है। लेकिन प्रदेश सरकार इन कर्मचारियों के बकाया वेतन को लेकर जरा भी गंभीर नहीं है।
देशभर में लॉकडाउन 3.0 के 8 दिन बीत चुके है। कोविड 19 के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को घरों में ही रहना पड़ रहा है। सरकारें भी लोगों को उचित दूरी पर रहने के साथ ही घरों में रहने के लिए हिदायतें जारी कर रही है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक पेयजल आपूर्ति पहुंचाने की जिम्मेवारी जनस्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कच्चे कर्मचारी निभा रहे है।
सात महीनों से वेतन नहीं मिलने पर भी अपना फर्ज निभा रहे कच्चे कर्मचारी : जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के जलघरों में अधिकतर ठेकेदारी प्रथा के तहत लगे कच्चे कर्मचारी अपना फर्ज निभा रहे है। इन कर्मचारियों को सरकार द्वारा सात माह का बकाया वेतन भी नहीं जारी किया है।
ऐसे में अपने घरों का चूल्हा जलाने की चिंता को छोड़ते हुए कच्चे कर्मचारी अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते हुए घरों में पानी पहुंचा रहे है। कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से जल्द ही वेतन दिए जाने की मांग की है। इन कच्चे कर्मचारियों को चरखी दादरी जिले से केवल 5 हजार रुपये ही वेतन मिल रहा है। लेकिन पिछले सात महीनों से एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है।्र जबकि भिवानी जिले में इन कच्चे कर्मचारियों को 9100 रुपये वेतन दिया जा रहा था। स्थानीय जलघर में कार्यरत अस्थाई कर्मचारी अनूप शर्मा, राजकुमार शर्मा, राजबीर और जयभगवान ने जनस्वास्थ्य विभाग से जल्द ही वेतन दिलवाने की मंाग की है।

Post a Comment