कोरोना संकट में प्रवासी मजदूरों के लिए मसीहा बने कुछ दोस्त
ग्यारह दोस्तों की टीम रोजाना एक स्थान पर इकट्ठी होकर लंगर बनाती है। पैकेट बनाकर ऐसी बस्तियों और इलाकों में प्रवासियों को बांटा जाता है जहां लीडर भी नहीं जाते हैं।लॉकडाउन के बाद पुलिस ऑफ कमिश्नर की परमिशन से एड्ज इनफोटेक के डायरेक्टर साहिल महाजन अपने दोस्त राजन भंडारी, राजीव बजाज, पवन कुमार, निलेश सैनी, वरुण भंडारी, विक्की बजाज, अंकित ठाकुर, अंकुुश बजाज, बिन्नी बजाज और हरियाणा सरकार के ओएसडी नरिंदर ठाकुर एक दूसरे की मदद के साथ लोगों के लिए लंगर और राशन जुटा रहे हैं।
अब तक 1500 होममेड और रेडिमेड मास्क भी बना चुके हैं और इन लोगों को बांट चुके हैं। साहिल महाजन ने बताया कि संकट की घड़ी में वह जरूरमंद लोगों की कुछ मदद तो कर ही सकते हैं। उन्होंने बताया कि एएसआई दर्शन सिंह उनके साथ राशन के लिए साथ रहते हैं। जब तक संभव होगा वह इन लोगों की मदद करते रहेंगे।
कोरोना संकट में प्रवासी मजदूरों के लिए मसीहा बने कुछ दोस्त
Some friends became messiahs for migrant laborers in the Corona crisis


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