जिला प्रशासन द्वारा जिले में कर्फ्यू में छूट देकर सुबह 9 से 1 बजे तक शहर की अनिवार्य वस्तुओं की दुकानें व शहर को जोनों में वर्गीकृत कर हरेक जोन में सप्ताह में दो दिन दुकानें खोलने के आदेशों के बावजूद पुलिस कर्मचारियों ने मंगलवार को भी दुकानदारों को शटरों को हाथ नहीं लगाने दिया।
इस दौरान दुकानें खोलने को आए दुकानदारों को रोकने पर थाना सिटी की महिला अधिकारी की बाजार में एकत्रित दुकानदारों के साथ बहस भी हुई। पुलिस अधिकारी का तर्क था कि यह आदेश शहर के मोहल्लों की दुकानों को खोलने के हैं नाकि बाजारों की ऐसे में बाजार किसी हालत में नहीं खोलने दिया जाएगा जबकि दुकानदारों का कहना था कि पुलिस अपनी हनक दिखाने को जान बूझकर उन्हें परेशान कर रही है।
वहीं, दुकानदारों को दुकानें खोलने से रोकने वाले यही पुलिस कर्मचारियों प्रतिबंध के बावजूद बिना कारण बाजारों में घूमते वाहन चालकों पर रहम दिली दिखाते नजर आए। बेशक सोमवार को जिला प्रशासन के आदेश की आड़ में पुलिस ने करीब एक सौ वाहनों को रोक कब्जे में लिया था लेकिन मंगलवार को पुलिस ने न तो वाहनों को रोकने में रुचि दिखाई व न ही उनकी जांच में।
उधर पुलिस के इस व्यवहार से संदर्भ में कोटकपूरा के व्यापारी नेता औंकार गोयल के नेतृत्व में कोटकपूरा के एसडीएम मेजर अमित सरीन से मिलने गए विभिन्न संगठनों के नेताओं ने बताया कि आदेशों के बावजूद पुलिस की बाजारों को बंद करवाने की कार्रवाई उन्हें हजम नहीं हो रही। इससे दुकानदारों में हड़बड़ाहट व आक्रोश बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पुलिस की मनमानी की जानकारी देने पर एसडीएम ने पुलिस अधिकारियों से बात की। करीब एक घंटा चली वार्तालाप के बाद सारे शहर की अनिवार्य वस्तुओं की दुकानों को रोजाना खोलने व नये आदेशों के अनुरूप बाकी की दुकानों को रोटेशन के अनुसार नियत दिनों में खोलने पर सहमति बनी। डीएसपी कोटकपूरा बलकार सिंह संधू ने स्पष्ट किया कि वह प्रशासनिक आदेशों के अनुसार मार्केट की दुकानों को खोलने की इजाजत नहीं दे सकते जबकि अनिवार्य वस्तुओं का दुकानों को खोलने के मामले में भी वह प्रशासनिक आदेशों के अनुसार ही कार्रवाई करेंगे।

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