दाना मंडी में एसीपी अनिल कोहली के बाद कोरोना वायरस की चपेट में आई थाना बस्ती जोधेवाल की एसएचओ अर्शप्रीत कौर ग्रेवाल की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के कारण उन्हें डीएमसी अस्पताल भर्ती कराया गया था। एसएचओ की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई। जबकि तीसरी रिपोर्ट फिर पाॅजिटिव आ गई है। इसके बावजूद अर्शप्रीत के हौसले बुलंद हैं और उनका मकसद सिर्फ कोरोना से जीतना है। इलाज के दौरान एसएचओ अर्शप्रीत ग्रेवाल से फोन पर बातचीत की गई। उन्होंने कोरोना पॉजिटिव आने के बाद किस तरह हौसला के साथ लड़ रही हैं इसकी पूरी कहानी बताई।
स्वीमर होने के चलते पता था कि स्वीमिंग करते कैसे सांस लेते हैं, उसी तरीके को अपनाया
शरीर को थकावट महसूस होने और ठीक न होने पर मैंने 11 और 12 अप्रैल को छुट्टी पर रही। 12 तारीख को एसीपी अनिल कोहली की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मेरे और मुलाजिमों के सैंपल लिए गए। रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही मुझे डीएमसी में भर्ती कराया गया। मुझे बुखार नहीं हुआ, लेकिन गला काफी दर्द कर रहा था। फिर एकदम सांस लेने में दिक्कत आनी शुरू हो गई। चार दिन तो सांस ले ही नहीं पा रही थी। तब मेरी हिम्मत टूटने लगी। मैं अंदर से काफी टूट चुकी थी। बार-बार कोरोना संबंधी बातें दिमाग में घूमती रही।
लेकिन स्वीमर होने के चलते पता था स्वीमिंग दौराना सांस टूटने पर कैसे सांस लेनी है। मैंने वहीं प्रक्रिया का इस्तेमाल कर सांस लेनी शुरू की। हर समय कोरोना संबंधी बातें घूमती थी जो मुझे निगेटिव कर रही थी। फिर खुद को समझाया और अपने मन को दूसरी ओर घुमाया। फिर अपने मोबाइल से फिल्में और अन्य चीजें देखनी शुरू की। घरवालों से बातचीत होती रहती थी। जबकि रिश्तेदारों और दोस्तों ने काफी साथ दिया। उनके साथ ऑनलाइन गेम्स खेलनी शुरू कर अपना मन बीमारी से हटाया। भाई ने अपना बर्थ-डे नहीं मनाया। उसे घर स्पेशल केक भेजा। जिसके चलते धीरे-धीरे बीमारी से लड़ती रही। - जैसा एसएचओ अर्शप्रीत कौर ग्रेवाल ने बताया।
परिवार, सीएम, डीजीपी, सीपी ने की सपोर्ट
अर्शप्रीत कौर ने बताया कि परिवार, सीएम, डीजीपी, सीपी के सपोर्ट ने ताकत बढ़ाई। पुलिस कमिश्नर की ओर से उनके लिए योगा टीचर भी लगाया गया है। जिनकी ओर से रोजाना सुबह एसएचओ करोना के अन्य पीड़ित मुलाजिमों का ऑनलाइन योगा सिखाया जाता है। वहीं लोगों ने ठीक होने के लिए पाठ भी रखवाया।

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