लॉकडाउन के कारण पंचायतों में मनरेगा के तहत होने वाले काम डेढ़ महीने से बंद थे। मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था। ग्रीन जोन में शामिल कोरिया में गृह मंत्रालय की गाइडलाइन अनुसार मनरेगा काम शुरू करने की अनुमति से मजदूरों को राहत मिली। इससे 5 जनपद की 250 पंचायतों में 1528 काम शुरू होते ही 45 हजार मजदूरों को रोजगार मिल गया।
मालूम हो कि लॉकडाउन लगते ही पंचायतों में सभी निर्माण बंद हो गए थे। इन्हें पूरा कराना अफसरों और सरपंच-सचिव के लिए चुनौती बन गया था। डेढ़ माह बाद लॉकडाउन के बीच सरकार ने राहत दी तो फिर से काम शुरू हुए। इन सभी कामों को बारिश के पहले पूरा करवाना होगा। जनपद के अफसरों के अनुसार काम समय पर पूरा करवाने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। पंचायतों में जल संवर्धन, पौधरोपण, सीसी सड़क, नाला निर्माण के काम शुरू हो गए हैं। इसमें सबसे अधिक जल संसाधन के संरक्षण और संवर्धन से संबंधित हैं। जिला पंचायत सीईओ तूलिका प्रजापति ने बताया कि जिले में सर्वाधिक संख्या में चल रहे काम में 700 से ज्यादा कूप निर्माण, 500 से अधिक निजी डबरी कार्य हैं। साथ ही पहले बनाए गए तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए 150 से ज्यादा कार्य कराए जा रहे हैं। कई ग्राम पंचायतों में 60 से ज्यादा नए तालाब निर्मित कराए जा रहे हैं।
फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी
सीईओ ने बताया जिले में महामारी से बचाव के लिए सभी उपाय कार्यस्थलों पर भी अपनाए जा रहे हैं। सभी कार्यस्थल पर हर श्रमिक को फेस कवर करने मास्क दिया गया है। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के लिए कार्यस्थल पर हाथ धुलाई के लिए साबुन पानी की व्यवस्था की गई है। फिजिकल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जा रहा है।

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