जिलेभर में सोमवार को माेडिफाइड लाॅकडाउन का पहला दिन था। इसके तहत राज्य सरकार ने लाॅकडाउन से थाेड़ी रियायत देते हुए अन्य जरूरी सेवाओंकाे छूट दी गई। इसके तहत किराणा, दूध डेयरी, मेडिकल, फल व सब्जी के अलावा छूट दिए जाने वाले प्रतिष्ठान भी खुले, मगर आहाेर सहित कुछ कस्बाें में कुछ व्यापारियाें ने वे प्रतिष्ठान भी खाेल दिए जिनकी अनुमति नहीं थी। इस पर प्रशासनिक अधिकारियाें ने एेसे प्रतिष्ठान बंद कराए।
इधर, जिला मुख्यालय पर छूट के बावजूद ग्रेनाइट इकाइयाें में आज काम बंद रहा। उद्यमियाें का कहना है कि उनके यहां काम करने वाले अधिकतर मजदूर बाहर के हैं, जिनके लाॅकडाउन में फंसे हाेने या उनके गांव चले जाने से इकाइयां शुरू नहीं की जा रही है।
गाैरतलब है कि जिले में कोरोना का अब तक एक भी मरीज नहीं मिला है, इसके चलते जालाेर जिला ग्रीन जाेन में ताे हैं, लेकिन आसपास के जिलाें में काेराेना पाॅजिटिव मिलने के बाद जिला प्रशासन पूरी सख्ती से माेडिफाइड लाॅकडाउन की पालना कराना चाहता है, ताकि स्थानीय लाेग काेराेना वायरस के संक्रमण से बच सकें। इधर, जिला प्रशासन ने आमजन से घरों में रहने की अपील की है।
देश भर में 3 मई तक लागू लॉकडाउन के तहत 3 मई तक लोग बिना वजह घरों से बाहर नहीं निकल सकते हैं।
हालांकि माेडिफाइड लाॅकडाउन के बाद जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे पर थोड़ी बहुत वाहनों की चहल-पहल नजर आई।
माेडिफाइड लाॅकडाउन के पहले दिन सोमवार सुबह आहोर में छूट नहीं हाेने वाले प्रतिष्ठान भी खुल गए। इस पर उपखंड अधिकारी प्रशांत शर्मा ने कस्बे का राउंड लेकर यह प्रतिष्ठान बंद करवाए।
इधर, सुबह बैंकों के बाहर महिलाओं की एक साथ भीड़ होने की सूचना पर उपखंड अधिकारी शर्मा ने तहसीलदार प्रदीप कुमार मालवीय के साथ बैंक पहुंचकर महिलाओं से समझाइश कर उन्हें दूर-दूर खड़ा रहने काे कहा।
एसडीएम ने बस स्टैंड रोड, अस्पताल तिराहा, मैन बाजार व पुराना बस स्टैंड पर छूट नहीं हाेने के बावजूद खुली दुकानें बंद करवाईं।
इस दाैरान पुलिस ने बेवजह कस्बे में बाइक पर घूम रहे युवकाें की बाइक भी सीज कर ली।
जालोर सैंट्रल कॉ ओपरेटिव बैंक के बाहर पैसेे निकालने के लिए लगी महिलाओं की भीड़ देख उपखंड अधिकारी ने शाखा प्रबंधक को निर्देश भी दिए, जबकि एसबीआई कियोस्क पर भी भीड़ देख उन्हाेंने कियाेस्क संचालक काेफटकार लगाई।

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