विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कोरोना को लेकर बिहार सरकार की पहल की जानकारी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को दी। साथ ही उनसे कोटा में फंसे बिहारी बच्चों की समुचित सहायता का अनुरोध भी किया।
मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष सभी पीठासीन पदाधिकारियों के साथ कोरोना संकट पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रूबरू थे।
कोटा के सांसद के नाते लोकसभा अध्यक्ष से चौधरी ने कहा कि लॉकडाउन में आवागमन प्रतिबंधित होने के कारण बिहार के बच्चे कोटा से वापस घर नहीं लौट पा रहे हैं। इनके साथ बिहार के 50 हजार कामगार भी कोटा व राजस्थान के विभिन्न शहरों में फंसे हुए हैं। लॉकडाउन के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन को वहां रह रहे बच्चों और उनके परिवारों की समुचित देखभाल करनी चाहिए।
बिहार सरकार उन बच्चों व अन्य फंसे लोगों की कठिनाइयों के प्रति संवेदनशील है और परिस्थिति सामान्य होते ही सबको घर लौटने में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
लॉकडाउन का मुस्तैदी से कराया जा रहा पालन
चौधरी ने बताया कि बिहार में समय रहते सरकार द्वारा उठाए गए आवश्यक एहतियाती कदमों के कारण स्थिति बहुत हद तक नियंत्रण में है। लॉकडाउन के प्रावधानों का मुस्तैदी से पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
सभी राजनीतिक दलों की संवेदनशीलता के कारण विधायिका ने भी जिम्मेदार भूमिका निभाई है। विधानमंडल के चालू बजट सत्र को होली-अवकाश के बाद राजनीतिक दलों की सहमति से पहले कार्य दिवस 16 मार्च को ही अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
स्पीकर ने कहा कि विकास योजनाओं की निधि से विधायकों के लिए निर्धारित राशि से 50-50 लाख लेकर अलग से ‘कोरोना उन्मूलन कोष’ का गठन किया गया है।
इतना ही नहीं राज्य के बाहर फंसे कामगार बिहारवासियों के लिए मुख्यमंत्री के निदेश पर ‘विशेष सहायता योजना’ चलाई जा रही है। इसके तहत उन्हें एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि दी गई।
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