पंजाब से सबसे कम उम्र की सरपंच व बीएससी (आईटी) पल्लवी ठाकुर ने जब पीएम नरेंद्र मोदी से गांव में कोरोना से निपटने के अपनाए उपायों के बारे में चर्चा की तो धारकलां के हाड़ा की इस युवा सरपंच को पीएम ने और भी कई जिम्मेदारियां सौंप दी।

पंचायती राज दिवस के मौके पर सुबह 7 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की तैयारी कर रही पल्लवी ने पीएम को बताया कि गांव हाड़ा में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए दो प्रवेश द्वारों पर बैरिकेट लगा वे युवाओं के साथ खुद पहरा देती हैं ताकि बिना जरूरत कोई भी अंदर या बाहर आ-जा नहीं सके।

 पीएम ने कहा लोग आपको सुनते हैं तो आप किसानों को समझाएं कि वे यूरिया का इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे पंजाब की मिट्टी और पानी पर विपरीत असर पड़ रहा है। पहले अगर 100 थैली यूरिया आती थीं तो अब 50 ही आएं। इससे पैसा भी बचेगा और धरती माता की भी रक्षा होगी। उन्हें विश्वास है वे यह काम करेंगी। पीएम ने कहा जब वे पठानकोट और गुरदासपुर में संगठन का काम देखते थे तो गांवों की महिलाएं उनसे कहती थीं कि हमारे युवाओं को ड्रग्स से बचाइये।

इससे पहले पल्लवी ने इलाके में बढ़ते यूरिया के प्रयोग पर चिंता जताते हुए पंचायत के कार्यों को बताया। मोदी ने कहा कि पल्लवी के जरिए उनकी पंजाब के किसानों से बात हो रही है उन्हें विश्वास है कि वे इलाके में यूरिया की खपत कम करने के लिए काम करेंगी।

पंजाब में यूरिया की खपत-
  • 43 किलो प्रति हैक्टेयर खपत है पंजाब में जो अन्य राज्यों के मुकाबले 9 गुना ज्यादा
  • 27.56 लाख टन पंजाब में यूरिया (नाइट्रोजन) की खपत होती है
  • 14 लाख टन रबी की फसल में होता है प्रयोग
  • 13.56 लाख टन खरीफ की फसल में होता है प्रयोग
  • 3.15 लाख टन यूरिया की खपत ज्यादा है जिससे 200 करोड़ रुपए एक्सेस यूरिया पर खर्च होता है।
  • फर्टिलाइजर की सबसे अधिक खपत वाले जिले संगरूर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला हैं।
पंचायतों द्वारा निभाई जा रही अहम भूमिका के बारे में बताया

पल्लवी ने कहा-किसानों, मजदूरों और आढ़तियों के लिए कोरोना वायरस से बचाव के लिए जारी की हिदायतों का पालन यकीनी बनाने को पंचायतें अहम भूमिका निभा रही हैं। गेहूं की कटाई के समय दो मीटर की दूरी, हाथ-नाक और मुंह ढकने, हाथ धोने व एक दूसरे के जूठे बर्तन प्रयोग नहीं करने जैसी हिदायतों संबंधी भी पंचायतेंकामगारों को जागरूक कर पालन सुरक्षित बना रही हैं।

पीएम ने कहा- महामारी आत्मनिर्भर बनने का सबसे बड़ा सबक, गांवों ने दुनिया को ‘दो गज दूरी’ का मंत्र दिया

नई दिल्ली | कोरोना महामारी ने हमें जीवन के हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का बहुत बड़ा सबक दिया है। पीएम ने कहा- ‘काेरोना ने कई मुसीबतें पैदा की हैं। लेकिन, इसका सबसे बड़ा सबक है कि हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। गांव, जिला, राज्य व देश मूलभूत आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बने। गांवों ने दुनिया को साेशल डिस्टेंसिंग के लिए ‘दो गज दूरी’ या ‘दो गज देह की दूरी’ का मंत्र दिया है। प्रधानमंत्री ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल अाैर स्वामित्व योजना भी लाॅन्च की। ई-ग्राम स्वराज व इसका एप पंचायतों के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम है।
सूबे की 12,500 पंचायतों में से चुनी गईं बीएससी (आईटी ) सरपंच पल्लवी पीएम से वीडियो कॉन्फ्रेंस सेे बात करती हुईं।



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