कोरोना संकट के बीच बिहार के लिए राहत भरी खबर है। शनिवार को मुंगेर चेन की पहली पॉजिटिव मरीज पिंकी कुमारी ने कोरोना को मात दे दी। लगातार दो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद शनिवार को शरणम अस्पताल की 20 वर्षीय नर्स पिंकी को एनएमसीएच से डिस्चार्ज कर दिया गया।
20 मार्च को जब मुंगेर का पाॅजिटिव युवक शरणम अस्पताल में आया था, तब उसने उसका बीपी नापा था। पॉजिटिव रिपाेर्ट आने के बाद वह 28 मार्च को एनएमसीएच में भर्ती हुई थी। पटना व बिहार की यह चौथी कोरोना मरीज है, जिसने कोरोना की जंग जीत ली। इससे पहले एम्स से दीघा की अनिथा, एनएमसीएच से पटना सिटी के मो. फैयाज और बभनपुरा के राहुल कुमार ने इस वैश्विक वायरस से जंग जीती है।
बैरिया की रहने वाली पिंकी को आठ दिन में अस्पताल से छुट्टी मिली। इस चेन में मुंगेर के उस युवक को लेकर 14 लोग पॉजिटिव हुए। एनएमसीएच के अधीक्षक डॉ निर्मल कुमार सिन्हा ने बताया उसे 14 दिनों के होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है। वह कोई सिम्टाेमेटिक नहीं थी इसलिए उसका जनरल ट्रीटमेंट किया गया। धीरे-धीरे उसकी रिकवरी होने लगी। नोडल चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अजय सिन्हा ने बताया कि जो भी मरीज यहां भर्ती होने आते हैं, उनका बेहतर इलाज किया जा रहा है।
एनएमसीएच से मिली छुट्टी
मैं पिंकी कुमारी शरणम अस्पताल की नर्स हूं। 20 मार्च को मुंगेर से आए उस युवक का आईसीयू में बीपी नापा था। 5 मिनट ही वहां रही। मुझे पता नहीं था कि वह कोरोना का मरीज है। 22 मार्च को जब उसकी पॉजिटिव रिपोर्ट आई तो इस अस्पताल के 12 लोगों ने 24 मार्च टेस्ट कराया। उनमें मैं भी थी। 26 मार्च को रिपोर्ट निगेटिव आई। 28 मार्च को जो रिपोर्ट आई, उसमें मैं पॉजिटव थी।
मैं थोड़ा घबरा गई, पर हिम्मत नहीं हारी। 28 मार्च की रात ही एनएमसीएच में भर्ती हो गई। मेरी मां, दोनों भाई और बहन के बेटे का सैंपल लिया गया, पर सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। उसके बाद मेरी चिंता कम हो गई। शुक्रवार को मेरी रिपोर्ट निगेटिव आई। छुट्टी मिलने पर भाई के साथ बाइक से घर आई।
कोरोना मरीजाें को मेरा संदेश है- बीमारी से उबरना है ताे डॉक्टरों की सलाह मानें। घबराएं नहीं। पॉजिटिव रहें। सोशल मीडिया पर ज्यादा ध्यान ने दें। ऊपर वाले पर भरोसा रखें। -जैसा पिंकी कुमारी ने बताया
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