कोरोना वायरस से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रविवार रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घर की लाइट बंद कर मोमबत्ती औरटॉर्च चलाने के आह्वान के बाद प्रदेश की सरकारी बिजली कंपनियां लोड मैनेजमेंट में लग गई है। प्रदेश में सभी घरों के बल्ब, ट्यूबलाइट, एलईडी व सीएफएल बंद होने से बिजली सिस्टम पर करीब 600 से 700 मेगावाट का लोड कम होगा। हालांकि ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने 900 मेगावाट लोड कम होने की आशंका जताई है। लॉकडाउन के बाद प्रदेश में बिजली सिस्टम पर करीब 6500 मेगा वट का लोड ही है।
वहीं पावर ग्रिड पर लोड की दिक्कत होने की आशंकाओं के बाद केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर (एनएलडीसी) ने सभी प्रदेशों की बिजली कंपनियों को एडवाइजरी जारी की है। इसके बाद बिजली कंपनियों ने नगर निकायों व सरकारी विभागों को स्ट्रीट लाइट सहित अन्य अतिआवश्यक सेवाओं की बिजली बंद नहीं करने का सुझाव दिया है। वहीं, सोशल मीडिया पर पावर ग्रिड के अचानक बंद होने की आशंकाओं के बीच केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने भी लोड की कोई दिक्कत नहीं होने का स्पष्टीकरण जारी किया है।
उपभोक्ताओं से अपीलकेवल लाइट बंद करें, अन्य उपकरण चलने दें
घर पर लाइट बंद करने के बाद पावर ग्रिड को खतरा होने के सोशल मीडिया में मैसेज चले। इसके बाद डिस्कॉम इंजीनियरों ने उपभोक्ताओं को केवल घर की लाइट बंद करने की अपील की है। घर के फ्रीज, टीवी सहित अन्य उपकरण पहले के समान ही चलते रहने की बात कही है।
8 बजे बाद होने लगेगा लोड मैनेजमेंट: इंजीनियरों का कहना है कि एनएलडीसी के निर्देशानुसार रविवार को रात 9 बजे घरों की लाइट बंद होने से कम होने वाले लोड की गणना की है। रविवार रात 8 बजे बाद कुछ पावर प्लांट पर बिजली उत्पादन की स्पीड कम की जाएगी। 9 बजे से 9.10 बजे सबसे कम होगी। लोड मैनेजमेंट के जरिए पूरी स्थिति कंट्रोल की जाएगी।
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