पीरपैंती के श्रीमतपुर गांव में बुधवार की अहले सुबह करीब 4 बजे घर के पीछे आम के पेड़ पर गले में गमछे के फंदे से लटककर 25 वर्षीय पत्रकार संजीव कुमार उर्फ छोटू ने आत्महत्या कर ली। घटना की वजह झूठे केस में फंसाया जाना बताया जा रहा है। बताया जाता है कि संजीव की संपत्ति पर झूठे केस में फंसाने वालों की नजर थी। झूठे केस में फंसने के कारण वह डिप्रेशन में रहने लगा था। घर वालों ने केस सुलह करने की बहुत कोशिश की, लेकिन केस कराने वाले सुलह के बदले उसकी जमीन और मोटी रकम की डिमांड करने लगे थे।

संजीव मूलरूप से कहलगांव अनुमंडल के घोघा जानीडीह का रहने वाला था। लॉकडाउन के बाद से वह अपने ननिहाल श्रीमतपुर आया था। घटना की खबर सुबह तब लगी, जब लोग शौच के लिए बाहर निकले। वह घर के पीछे आम के पेड़ पर गमछे के फंदे में लटका था। तब इसकी सूचना अन्य परिजनों को हुई। इसके बाद वहां पहुंच परिजन उसे आनफानन में फंदे उतारा, लेकिन तबतक संजीव की मौत हे चुकी थी। घटना की सूचना पर पीरपैंती थानाध्यक्ष राकेश कुमार, एसआई शैलेन्द्र राय सहित दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। जहां मामले की तहकीकात कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रथम दृष्टया आत्महत्या करने के लिए उकसाने का मामला सामने आया है : एसडीपीओ

एसडीपीओ डॉ. रिशु कृष्णा ने बताया कि संजीव के बड़े भाई रणजीत कुमार उर्फ फुटेश की तहरीर पर 6 नामजद सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एसडीपीओ ने कहा कि प्राथमिक तहकीकात में प्रथम दृष्टया आत्महत्या करने के लिए उकसाने का मामला सामने आ रहा है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। जल्द ही पुलिस इस घटना का खुलासा करेगी।

भाई ने लगाया जमीन और पैसा मांगने का आरोप

बड़े भाई ने दी गई तहरीर में बताया कि जानीडीह के कुंदन महतो ने संजीव से व्यवसाय करने के लिए मोटी रकम लिया था। 11 जनवरी को संजीव पैसा मांगने गया तो कुंदन महतो, जितेंद्र महतो, रवि महतो, कवि महतो, सागर, जीरा देवी ने संजीव को मारा-पीटा था। धमकी दी थी कि पैसा भूल जाओ और एनएच-80 की जमीन हमें दे दो या अपने ईंट भट्‌ठे की जमीन में मुझे पार्टनर रख लो।

पिता के निधन के बाद मां की देखभाल करता था, संजीव

पिता कमलेश्वरी यादव का निधन 2013 में हो गया था। इसके बाद मां और बड़े भाई की देखरेख करता था संजीव। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को सौंप दिया। बरारी घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई ने मुखाग्नि दी। बेटे की मौत की पर मां मंजू देवी, बहन सुलेखा कुमारी, भाई रणजीत कुमार उर्फ फुटेश सहित अन्य परिजनों के चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजन संजीव को आत्महत्या के लिए उकसाने वालों को कोस रहे थे।

दोस्तों ने कहा-केस में फंसाने के बाद डिप्रेशन में आ गया था

संजीव के दोस्तों ने बताया कि उसकी सम्पति पर लोगों ने गलत नजर डाल दी थी। जमीन हड़पने के लिए संजीव को झूठे केस में फंसाया गया। लड़की खुद संजीव काे फोनकर बात करती थी। लड़की ने संजीव को बताया भी था उसे दबाव देकर केस करवाया जा रहा है। यदि वह केस नहीं करेगी तो घर वाले उसे मारकर फेंक देंगे। संजीव ने दोस्तों को व्हाट्सअप पर मैसेज किया था कि यदि इस झूठे केस से मुक्ति नहीं मिली, तो मर जाएंगे।

परिजन बोले-नाबालिग बेटी को हथियार बना कराया झूठा केस

परिजनों ने बताया कि आरोपियों ने जिस लड़की से झूठा केस करवाया उसने संजीव को फोन पर बताया था कि पिता, बड़े पापा, चाचा सभी मिलकर तुमको फंसाकर जेल भेजने की तैयारी में हैं। जितेंद्र महतो ने अपनी उसी नाबालिग बेटी को हथियार बनाकर घोघा थाने में झूठा केस करवा दिया। वे संजीव से अपनी पुत्री से शादी करने, बकाया पैसा भुल जाने, जमीन देने की शर्त रखी। परिजनों ने कहा कि लड़की अभी नाबालिग है, पहले झूठा केस उठा लो। लेकिन लोग नहीं मानें।


संजीव की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजनों को सांत्वना देतीं महिलाएं।


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