लाॅकडाउन के कारण अब भी सुल्तानगंज के कई मजदूर सपरिवार दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं। इनके सामने राशन पानी की समस्या उत्पन्न होने लगी है। बंद कमरे में छोटे-छोटे बच्चों व पत्नी के साथ मजदूर परेशान हैं।
इसी क्रम में गुजरात के भरूच जिले के आर -13, अराॅडेय नगर में किराये के मकान में मजदूर कमलेश कुमार मंडल पत्नी अंजू देवी, पुत्री कंचन कुमारी (12), अंकु कुमारी (10) पुत्र शिवम कुमार (7) और सौरभ कुमार (4) के साथ रह रहे है। उन्होंने फोन पर बताया कि खाने-पीने का सारा सामान खत्म हो चुका है। पास में पैसे भी नहीं है। उधारी सामान दुकानदार देना नहीं चाहते। पत्नी-बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी है।
प्रशासन समदद दिलाने की गुहार लगाई है
उन्होंने सरकार से वहां खाने-पीने की व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। अकबरनगर थाना क्षेत्र के किशनपुर पंचायत के दामोदरपुर खुटाहा निवासी कमलेश कुमार मंडल ने बताया कि 1995 में रोजी-रोटी की तलाश में गुजरात आया था। 1996 में एक ग्लास फैक्ट्री में बैच फीडर के पद पर काम मिला है। लेकिन पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है।
और फिर कोरोना वायरस के चलते फैक्ट्री भी बंद हो गई है।
गांव के लोगों को अपनी मजबूरी से अवगत करा दिए हैं। लेकिन यहां तक कोई कैसे पहुंचे। पीड़ित मजदूर ने बताया कि कंपनी से पैसे मिल जाता तो हम खाने-पीने का सामान खरीद लेता।
कमरे में बच्चे व पत्नी को भूखे-प्यासे देख रूह कांप रहा है। ऐसे में किधर जाएं, समझ में नहीं आ रहा है। उसने भागलपुर जिला प्रशासन से भी मदद दिलाने की गुहार लगाई है।

إرسال تعليق