शहर के सबसे बड़े तालाब में शुमार माहुरबंदपारा तालाब का सौंदर्यीकरण लंबे अरसे बाद पालिका ने एक बार फिर से शुरू कर दिया है। तीन चरणों में 3.08 करोड़ रुपए से तालाब को संवारा जाएगा। दूसरे चरण के काम को स्वीकृति मिलने के बाद पीचिंग और अन्य काम शुरू हो गया है।
दूसरे चरण के काम खत्म होने के बाद बाद तीसरे चरण की स्वीकृति मिलने के बाद तालाब के चारों ओर पाथवे और पार्क बनाया जाएगा।
तालाब के टो वॉल बनाने पर 35.8 लाख रुपए खर्च होंगे। वहीं स्टोन पिचिंग पर 46.04 और पौध रोपण पर 1.96 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। 8.68 लाख रुपए ले तालाब में पचरी का निर्माण कर इसकी सूरत संवारी जाएगी। पहले चरण में तालाब गहरीकरण और सफाई करना था।
हालांकि तकनीकी कारणों के चलते सौंदर्यीकरण के पहले चरण की स्वीकृति अबतक नहीं मिल पाई है।अलबेलापारा मार्ग में पड़ने वाले माहुरबंदपारा तालाब सौंदर्यीकरण की कई बार योजना बनाई गई थी। किसी ना किसी कारण से वह ठंडे बस्ते में चली जाती थी।। पलिका ने एक बार फिर इसकी कोशिश की थी। तीन अलग अलग चरणों में माहुरबंदपारा तालाब सौंदर्यीकरण की योजना बनाई।
दूसरे चरण की सौंदर्यीकरण की स्वीकृति मिलने के साथ ही उसकी राशि भी आवंटित कर दी गई है। तालाब में पीचिंग, पचरी घाट, टो वाल, तालाब में इन लेट व आउट लेट का निर्माण और पौधा रोपण किया जाना है। इनमें से पीचिंग व निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। दूसरे चरण के कार्य की लागत कुल 94.16 लाख रुपए है। इसमें से 68 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
अब चिल्ड्रन वाटर पार्क की भी होगी मरम्मत
अलबेलापारा मार्ग में चिल्ड्रन वाटर पार्क और गार्डन है जो देखरेख के अभाव में कंडम हो चुका है। अब तालाब सौंदर्यीकरण कार्य शुरू होने से इसके भी मरम्मत की उम्मीद जागी है। नगर पालिका के अनुसार भविष्य में वाटर पार्क व गार्डन का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। सीएमओ सौरभ तिवारी ने कहा कि माहुरबंदपारा तालाब सौंदर्यीकरण कार्य शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में दूसरे चरण के कार्य की स्वीकृति मिली है। पीचिंग आदि का काम कराया जा रहा है। जैसे जैसे स्वीकृति मिलेगी, काम होता जाएगा।

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