दिल्ली से नोएडा की तरफ जाने पर गौतमबुद्ध नगर बॉर्डर पर वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई थी। लोग अपनी गाड़ियों से उतर कर बैरिकेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से प्रवेश देने के लिए मिन्नतें कर रहे थे। जिन्हें प्रवेश दिया जा रहा है उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही थी। ऐसे ही एक शख्स शुभ्रू थे, जो दिल्ली सरकार एक अधिकारी की गाड़ी के ड्राइवर है जो उनके बेटी को अशोक नगर स्थित अधिकारी के घर छोड़ने के लिए गौतमबुद्ध नगर बॉर्डर से प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन उनको वापस कर दूसरे रास्ते से अशोक नगर में जाने को कह दिया गया।
एक अन्य गोल मार्केट स्थित पॉलिक्लीनिक में हेड लैब टेक्निशियन शशि आनंद सुबह की ड्यूटी कर दोपहर में नोएडा सेक्टर-17 अपने घर लौट रहे थी। उन्होंने उनको अपने कार्यालय से जारी पास दिखाया, लेकिन उनको जाने की अनुमति नहीं दी गई। बस ऊपर से प्रवेश न देने के आदेश होने की बात कह रहे थे। वहीं, नोएडा निवासी ऋषिकांत की भी यहीं शिकायत थी ।
वह दिल्ली म्यूनिशिपल कॉरपाेरेशन में सफाई कर्मचारी है। उनको भी नाेएडा में प्रवेश देने से रोक दिया गया। यहां पर प्रवेश के सख्त प्रावधान के कारण ही 100 से ज्यादा वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। यहां तैनात सुरक्षा अधिकारी दीपेन्द्र ने बताया कि कई लोग अपने आपको सरकारी कर्मचारी बताकर अपने आईडी कार्ड से प्रवेश करना चाह रहे थे। उनसे वैध पास मांग रहे है। हम उनसे जिला प्रशासन या पुलिस की तरफ से जारी स्पेशल कोविड-19 के लिए जारी पास मांग रहे है। आवश्यक सेवाओं में तैनात किसी को भी नहीं रूका जा रहा है।
गाजियाबाद-दिल्ली के गाजिपुर सीमा पर कम हुआ जाम
गाजियाबाद प्रशासन की तरफ से बॉर्डर सील किए जाने के बाद दूसरे दिन गाजियाबाद-दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर पर बुधवार को वाहनों की कतार थोड़ी कम हुई।
सुबह के पीक टाइम पर थोड़ी दिक्कत छोड़ दें तो एम्बुलेंस और आवश्यक वस्तुओं के लिए गाजीपुर मुर्गा मंडी फ्लाईओवर से सीधे निकलने की अनुमति थी। तो प्राइवेट वाहनों को नीचे बैरिकेड्स पर जांच के लिए रुकना जरूरी था।
गाजियाबाद पुलिस और पीएसी के जवान थोड़ी नरमी में भी दिखाई दिए। इस बीच दुपहिया पर दो सवारी और कार में दो से अधिक सवारी या अगली सीट पर दो सवारी बैठने वालों को जरूर पुलिस ने धमकाया और कुछ के चालान भी किए।
हालांकि बुधवार को लंबी कतार नहीं दिखी। भास्कर ने दोपहर बाद करीब 2 बजे पड़ताल में पाया कि यहां एक बैनर लगा था जिसमें लिखा था-केवल आवश्यक वस्तुएं एवं जिला प्रशासन गाजियाबाद द्वारा जारी पास धारक की प्रवेश के लिए मान्य होगा। लेकिन वहां आईडी कार्ड दिखाकर और छोटे-मोटे बहाने बनाकर भी लोगों को प्रवेश दिया जा रहा था।
Click here to see more details

إرسال تعليق