कोरोना संकट और लॉकडाउन के चलते पहले की मक्के का रेट गिर गया है। ऐसे में इन किसानों के लिए नई समस्या ने उन्हें और परेशान कर दिया है। कापसी क्षेत्र के किसान मक्के के हाइब्रिड बीज के चक्कर में एक बार फिर धोखा खा गए। कापसी क्षेत्र के 100 से अधिक किसानों ने हाईटेक कंपनी की हाइब्रिड बीज (5106) लगाया था। कंपनी का दावा था कि इससे मक्के की फसल कम समय में और अच्छे दाने होंगे।
वहीं जब किसान पके हुए फसलों को खेतों में देखने पहुंचे तो मक्के की बीजों में ही अंकुरित होते देखा। इसके चलते कई एकड़ में लगी फसल पूरी तरह चौपट हो रहा है। किसानों का आरोप है कि जिन्होंने इस कंपनी के बीज को लगाया था उन्हीं किसानों को यह समस्या आई है। फसल खराब होने से लागत भी निकल पाए। अब किसानों ने कंपनी से मुआवजे की मांग की है।
किसानों ने कहा कि कि जिन किसानों ने हाइब्रिड कंपनी का 5106 बीज लगाया है। उन किसानों की जब फसल आई तो उनके मक्के में खड़ी फसल में ही अंकुरण आ गया। ऐसे में हर मक्के में करीब 50 से 100 बीज में अंकुरण आ गया है। इससे उनका पूरा मक्का ही खराब हो गया। परेशान किसानों ने इसकी शिकायत कंपनी के स्थानीय अधिकारियों से भी की है। लॉकडाउन खुलने के बाद बड़े अधिकारियों के आने के बाद मामला सुलझाने का आश्वासन दिया गया है।
किसानों ने कहा कि नई-नई कंपनियां किसानों को मक्के का अच्छा उत्पादन के सपने दिखाकर अपने बीज बेच जाते हैं। क्षेत्र में हर वर्ष किसान हाइब्रिड बीज से धोखा खा रहे हैं। इसके बाद भी प्रशासन ऐसे कंपनियों पर अंकुश लगाने कदम नहीं उठा रही है।
किसानों ने लंबे समय तक पानी दिया होगा : कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक सूरज यादव ने बताया यह शिकायत केवल कापसी क्षेत्र के कुछ किसानों की फसल में आई है, उनका यह मक्का केवल सौ दिन में तैयार होने वाली वैरायटी है। किसानों ने लंबे समय तक फसल में पानी देते रहे, शायद इस कारण यह समस्या आई होगी।
सस्ता बीज होने के चलते किसानों ने लिया
किसान आलोक चौधरी, जगन्नाथ रविदास, संजीव विश्वास आदि ने बताया आलोर क्षेत्र में लगभग सौ से अधिक किसानों ने इस कंपनी के इस बीज लगाए हैं। लगभग सभी किसानों को यही समस्या आई है। इस वर्ष यह कंपनी नया बीज लेकर आई थी और अन्य कंपनियों के बीज की अपेक्षा यह बीज काफी सस्ता था। इसी चक्कर में बड़ी संख्या में किसानों ने इस बीज को लिया, लेकिन अब तो यह सस्ता बीज ही काफी महंगा पड़ गया है। फसल आने के बाद सारे फल में अंकुरण हो गया है। ऐसे में कोई भी उनका मक्का लेने को तैयार नहीं है।
विभाग से करें शिकायत मुआवजा दिलाया जाएगा
कृषि विभाग के एसएडीओ कोयलीबेड़ा फनी भूषण साहा ने बताया किसान इसकी शिकायत विभाग में करें, बीज की जांच कराई जाएगी। अगर बीज में कोई समस्या रही तो किसानों को पूरा मुआवजा दिलाया जाएगा।

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