कोटा विवाद के बाद राज्य से बाहर जाने के लिए पास बनाने का नियम और सख्त हो गया है। अब राज्य के बाहर जाने के लिए मेडिकल ग्राउंड या परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर ही पास जारी किया जाएगा। सोमवार की शाम वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव दीपक कुमार ने जिलाधिकारियों को अति आवश्यक कारण की जांच करने के बाद यात्रा पास निर्गत करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद डीएम कुमार रवि ने अंतर जिला और अंतरराज्यीय पास निर्गत करने वाले अधिकारियों को सख्ती का अनुपालन करने का आदेश दिया है। अंतर जिला पास निर्गत करने के लिए मेडिकल ग्राउंड का होना अति आवश्यक है। वहीं, राज्य से बाहर जाने के लिए पास निर्गत करने से पहले ऑनलाइन माध्यम से मिलने वाले आवेदन का सत्यापन किया जाएगा।
इसके साथ ही इसकी विस्तृत जानकारी जानकारी जिलाधिकारी को दी जाएगी।
जिलाधिकारी से आदेश प्राप्त होने वाले आवेदनों के आलोक में ही पास निर्गत किया जाएगा। पिछले दिनों राज्य सरकार की रोक के बावजूद भाजपा विधायक अनिल सिंह को नवादा के सदर एसडीओ ने कोटा जाने और आने का पास निर्गत किया था। इस मामले को लेकर नवादा के सदर एसडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। लॉकडाउन के दौरान राज्य के अन्य जिलों में जाने के लिए सिर्फ मेडिकल ग्राउंड यानी इलाज कराने के लिए ही पास निर्गत किया जाएगा। अन्य किसी कारण से जिला के अंदर आने-जाने के लिए पास मिलेगा। इसमें अस्पताल में भर्ती मरीज के देखभाल, आवश्यक खाद्य समग्री की सप्लाई चेन बहाल रखने आदि कार्य शामिल है।
मुख्य सचिव ने कहा-बिहार के जो लोग दूसरे प्रदेशों में हैं, वे अभी वहीं पर रहेंगे
पटना | मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि लॉकडाउन का पालन करके ही कोरोना वायरस के संक्रमण को रोका जा सकता है। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंगलवार को मुख्य सचिव ने कहा कि दूसरे राज्य क्या कर रहे हैं, इसकी तो हमें जानकारी नहीं है, लेकिन बिहार सरकार अपने पुराने स्टैंड पर ही कायम है। हम किसी को भी फिलहाल 3 मई तक लॉकडाउन का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दे सकते हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि लॉकडाउन के दौरान बिहार के जो भी लोग दूसरे प्रदेशों में हैं, वे वहीं पर रहेंगे। सरकार उनके लिए स्थानीय स्तर पर ही तमाम तरह के इंतजाम करा रही है।
गाड़ी पर फर्जी स्टीकर और पास चिपकाकर सड़क पर निकले तो दर्ज होगी एफआईआर
मंगलवार को पुलिस ने कई इलाकों में सघन वाहन जांच की। आईजी सेंट्रल रेंज संजय कुमार सिंह ने आदेश दिया है कि सड़क पर आ-जा रहे हर वाहन की जांच हो। जो फर्जी स्टीकर और पास के साथ मिले उन पर जुर्माना के साथ साथ एफआईआर भी हो।
इधर, शहर के कई इलाकों में क्विक मोबाइल के जवानों ने कड़ी कार्रवाई की। ट्रैफिक पुलिस के तीनों डीएसपी मंगलवार को शहर के विभिन्न इलाकों में जांच करते रहे। बोरिंग रोड से शिकायत मिलते ही ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार अन्य सहयोगियों के साथ वहां पहुंच गए। काफी देर तक इस इलाके में सघन वाहन जांच चला। मंगलवार को 237 वाहनों से 2.74 लाख जुर्माना वसूला गया। वहीं 42 गाड़ियों का 70 हजार का चलान भी काटा गया। इस दौरान 27 वाहन सीज भी किए गए।
Click here to see more details

Post a Comment