कोरोना वायरस के चलते किए गए लॉकडाउन के दूसरे चरण में 20 अप्रैल के बाद से ढील देने के बाद जिले की पंजाब से लगती सीमाओं पर वाहनों का आवागमन काफी बढ़ गया हैं। पंजाब से सटे जाखल क्षेत्र में तो इतने वाहनों का आवागमन हो रहा है की लॉकडाउन बेअसर है। खास बात यह है कि यह पूरा आवागमन मूवमेंट पास के बिना ही हो रहा है।
यहां पंजाब के लोग गेहूं, किरयाणा, दवाई आदि जरूरी चीजें लेने का बहाना बनाकर प्रवेश कर रहे हैं। वहीं रतिया व टोहाना में नाकों से तो मूवमेंट पास से ही एंट्री दी जा रही है लेकिन लोग कच्चे रास्तों से प्रवेश कर रहे हैं। वहीं राजस्थान से लगती भट्टू खंड की सीमा के दोनों रास्तों पर पूरी सख्ती है तथा यहां से केवल इमरजेंसी वाले वाहनों को ही एंट्री मिल रही है। ऐसे में पुलिस को जिले की पंजाब से लगती सीमाओं पर सख्ती और अधिक बढ़ाने की जरूरत है।
जाखल : लॉकडाउन बेअसर कच्चे रास्ते बन रहे नियम तोड़ने वालों का सहारा, सड़क पर पुलिस कर रही चेकिंग
हरियाणा-पंजाब सीमा पर बसे जाखल कस्बा में पंजाब से आवागमन करने वाले लोगों का आगमन बिना किसी बाधा के हो रहा है आलम यह है कि जिन लोगों ने आवागमन की अनुमति ली हुई है वह अपने वाहनों पर अनुमति पत्र चस्पा कर आवागमन कर रहे हैं जबकि जिन लोगों के पास अनुमति नहीं है वे राज्य सीमा पर विभिन्न कच्चे रास्तों के सहारे आगमन कर रहे हैं। जाखल में बुढलाडा चंडीगढ़ रोड पर दोनों ओर से हरियाणा पंजाब सीमा लगती है। इसके अलावा बलरां रोड पर तथा तलवाड़ा रोड पर पंजाब सीमा से आवागमन के रास्ते हैं। बुढ़लाडा एवं चंडीगढ़ की ओर से राज्य सीमा पर जहां हरियाणा पुलिस की ओर से दो नाके लगाए हुए हैं वहीं तलवाड़ा रोड व बलरां रोड पर पंजाब राज्य की पुलिस तैनात है। नाकों के नाम पर पुलिस ने यहां बैरिकेड्स तो लगाए हैं लेकिन वाहनों का आवागमन यहां आसानी से हो रहा है। जाखल तलवाड़ा रोड पर रेलवे फाटक के पास पंजाब राज्य पुलिस की ओर से एक नाका लगाया हुआ है इन नाकों से लोग बाइक, कार, ट्रैक्टर व अन्य वाहनों के साथ आवागमन कर रहे हैं।
भट्टूकलां: भट्टू में सीमा से लगे दोनों रास्तों पर पुलिस का पहरा
राजस्थान से सटे जिले के भट्टू खंड में सीमा के साथ लगते दोनों रास्तों पर नाकेबंदी सख्त की हुई है। इन दोनों मार्गों पर दिन भर दो - तीन लोगों को छोड़कर कोई मूवमेंट नहीं होती। भट्टू क्षेत्र के गांव रामसरा व दैयड़ राजस्थान सीमा से सटे हुए हैं। इन दोनों गांवों में लॉकडाउन के शुरुआत में ही नाकेबंदी कर दी गई थी। कुछ दिन पहले गांव जांडवाला बागड़ में कोरोना पॉजीटिव केस मिलने के बाद सीमा के नाकों पर ज्यादा सख्ती कर दी गई थी। अभी हाल ही में राजस्थान के गांव जोगीवाला में कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद राजस्थान पुलिस ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकेबंदी पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
रतिया: बिना ठीकरी पहरे वाले गांवों में खेतों के रास्ते हाे रहा आवागमन
रतिया की तरफ पंजाब से आने वाले 80 फीसदी वाहन चालक पंजाब सरकार या प्रशासन से बिना अनुमति के हरियाणा में घुसने का प्रयास करते हैं। रतिया पुलिस केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश की अनुमति देती है जो वाक्य ही मुश्किल में हैं अाैर उसका आना जरुरी है। कई बार तो परमिशन वाले लोगों को भी वापस लौटा दिया जाता है। ऐसे में लोग फिर खेतों के बीच से ऐसे रास्तों से बॉर्डर पार करते हैं जहां पुलिस का नाका या फिर ग्रामीणों का ठीकरी पहरा नहीं होता। लोग चोरी छिपे सीमा पार कर भी जाते है। पंजाब की तरफ से एक दिन में करीब 100 वाहनों का आगमन होता है। उन में से केवल 20 चालकों के पास ही परमिशन होती है बाकी कोई न कोई बहाना बनाते हैं।
टोहाना: टोहाना में आ रहे प्रतिदिन 100 वाहन, पुलिस ने 3 नाके लगाए
पंजाब की ओर से रोजाना करीब 100 वाहन आते हैं। जिनमें अधिकतर मूवमेंट पास वाले होते हैं। जो वाहन चालक पुलिस की नजर बचाकर अन्य मार्गों से शहर में प्रवेश करने का प्रयास करते हैं उनके चालान काटे जाते हैं। इसके लिए पुलिस विभाग की ओर से पंजाब सीमा पर अलग-अलग दिशाओं में कुल तीन नाके लगाए गए हैं। जिनमें शहर पुलिस द्वारा चंडीगढ़ रोड व मनियाना रोड तथा सदर पुलिस द्वारा बलियावाला हेड के पास नाका लगाया गया है। जो बाइक चालक आते हैं उनमें अधिकतर अस्पतालों, केमिस्ट शॉप व किरयाणा की दुकानों आदि पर काम करने वाले होते हैं। इसके अलावा सब्जी वाले वाहन आते हैं।
Click here to see more details

إرسال تعليق