हिंदपीढ़ी सील करने के बाद मंगलवार को सुरक्षा कड़ी कर दी गई। लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर 55 दारोगा, 5 इंस्पेक्टर और 4 डीएसपी के अलावा 200 जवान नजर रख रहे हैं। तीन ड्रोन से पूरे हिंदपीढ़ी की निगरानी हो रही है। एसएसपी अनीश गुप्ता खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस की कड़ाई का असर भी दिखा। कोई घर से नहीं निकला और न कोई बाहरी मुहल्ले में आया। तैनात वॉलेंटियर्स लोगों को जरूरत का सामान पहुंचाते रहे। हिंदपीढ़ी थाना प्रभारी राधिका रमन मिंज ने बताया कि किसी भी गली-मोहल्ले में एक भी आदमी को घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। किसी चीज की जरूरत होने पर प्रशासन ने होम डिलीवरी कराई। वहीं चौथी कोरोना पॉजिटिव मिली महिला के घर के आसपास लगभग 60 घरों की जांच के लिए चिन्हित किया गया।
कोरोना पॉजिटिव महिला के 37 पड़ोसियों का सैंपल लिया, 60 घर चिन्हित
हिंदपीढ़ी के नाला रोड में दो कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद पूरे इलाके को सील कर संदिग्ध मरीजों की तलाश तेज हो गई है। मंगलवार को मेडिकल टीम ने दूसरी पॉजिटिव मिली महिला के घर के आसपास के घरों में रहने वाले 37 लोगों का सैंपल जांच के लिए लिया। पूरे नाला रोड इलाके की स्क्रीनिंग की गई। अब तक कुल 528 घरों के 2859 लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। सैंपल जांच के बाद पता चलेगा कि कोई पॉजिटिव तो नहीं हैं। वहीं, मंगलवार को जिला प्रशासन की सख्ती का असर साफ दिखा। जांच में स्थानीय लोगों ने पूरा सहयोग दिया।
डॉ. एके वैद्य के यहां भर्ती मरीजों-स्टॉफ की भी होगी जांच
नाला रोड की रहने वाली 54 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव महिला का डायलिसिस करमटोली स्थित डॉ. एके वैद्य के क्लिनिक में हुआ था। अब महिला के पॉजिटिव मिलने के बाद क्लिनिक में मरीज और स्टॉफ की भी जांच होगी।
तबीयत स्थिर, हिंदपीढ़ी की दूसरी पॉजिटिव महिला को चढ़ा खून
झारखंड में मिले चारों कोरोना संक्रमित मरीजों में तीन की स्थिति पहले से बेहतर है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों की तबीयत में सुधार हो रहा है। हिंदपीढ़ी में मिली दूसरी संक्रमित महिला को मंगलवार को खून चढ़ाया गया। बुधवार को इनका डायलिसिस किया जाएगा। इनकी भी हालत ठीक है और वह अच्छे से खाना भी खा रही हैं। इधर, नाला रोड में कुछ मीडियाकर्मियों को यह कहकर वापस किया गया कि खबर झूठी लिखी जा रही है। बिना आधार के नई पीड़िता को जमात से जुड़ी बताया जा रहा है, जबकि इनके समेत पूरा परिवार ही दूसरे धार्मिक विचार का हिमायती है। इनलोगों का तब्लीगी जमात से कोई लेना-देना नहीं है।
मलेशियाई युवती दाल-रोटी की जगह रोज मांग रही चिकन-बिरयानी
रिम्स के कोरोना सेंटर में भर्ती मलेशियाई युवती की तबीयत में काफी सुधार है। लेकिन उन्हें रिम्स की दाल, रोटी और चावल अच्छा नहीं लग रही है। वह खाने में रोजाना चिकन और बिरयानी की मांग कर रही हैं।
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