काेराेना का एक पाॅजिटिव केस आने पर एमसी ने कच्ची काॅलाेनी धनास सील कर दी है। वहां पर गांव में तैनात 11 सफाई कर्मचारियाें में से 3 को झाड़ू लगाने और 2 को सेनिटाइजेशन करने काे लगा दिया।
इन सफाई कर्मचारियाें काे एमसी की ओर से मास्क, गलव्स और सेनिटाइजर तक नहीं मुहैया करवाए गए हैं।
मास्क ताे गांव के पूर्व सरपंच ने दे दिए हैं, लेकिन ग्लव्स नहीं हैं। एक कर्मचारी ने ताे पैराें में जूते की जगह कैंची चप्पल पहनी है।
यही कर्मचारी काॅलाेनी में काम करने के बाद गांव धनास में भी झाड़ू लगाएंगे और सेनेटाइजेशन का काम करेंगे। इसकाे लेकर गांव धनास के लाेगाें में भय बना हुआहै।
सफाई कर्मचारियाें काे प्राॅपर सामान नहीं दिए जाने से काेराेना केस बनाने की पूरी तैयारी कर दी है। गांव धनास में 11 सफाई कर्मचारी तैनात हैं।
इनमें से दाे कर्मचारी सेनेटाइजेशन पर लगाए हुए हैं, बाकी गलियाें और मार्केट में झाड़ू से सफाई का काम करते हैं। इन्हीं में 4 सफाई कर्मचारियाें काे निकालकर कच्ची काॅलाेनी में लगा दिया है।
काॅलाेनी में झाड़ू और सेनेटाइजेशन करने के बाद गांव धनास की गलियाें की सफाई और सेनिटाइजेशन का काम करेंगे। अगर एमसी इन कर्मचारियाें काे प्राॅपर मास्क, गलव्स, सेनेटाइजेशन और पीपीई किट देता ताे कर्मचारियाें काे काेराेना के वायरस का खतरा कम रहता। लेकिन ऐसा कुछ किया नहीं गया।
इससे एमसी के चीफ सेनिटरी इंस्पेक्टर ने 4 सफाई कर्मचारियाें की कच्ची काॅलाेनी में ड्यूटी लगाकर जान जाेखिम में डाल दी है। गांव धनास के पूर्व सरपंच कुलजीत सिंह संधू का कहना है कि गांव की गलियाें से हटाकर चार सफाई कर्मचारियाें काे कच्ची काॅलाेनी में लगा दिया। जिसे काेराेना केस पाॅजिटिव आने पर सील किया हुआहै।
कोरोना वायरस की चपेट में आ सकते हैं
इन कर्मचारियाें काे पीपीई किट देना ताे दूर की बात है, एमसी ने इन्हें मास्क, ग्लव्स और सेनिटाइजर तक नहीं दिए। मास्क ताे सफाई कर्मचारियाें काे उन्हाेंने मुहैया करवा दिए। लेकिन ग्लव्स और सेनेटाइजर तक नहीं दिए गए। ऐसे में ये कर्मचारी काम करते काॅलाेनी में काेराेना वायरस की चपेट में आसकते हैं। इस संबंधी एमसी के एडिशनल कमिश्नर तिलक राज से बात भी की। लेकिन चीफ सेनिटरी इंस्पेक्टर माना नहीं। कहने लगा कि बगैर ग्लव्स के ही काॅलाेनी में काम करेंगे। यही बाद में गांव में झाडृू लगाएंगे।
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इन सफाई कर्मचारियाें काे एमसी की ओर से मास्क, गलव्स और सेनिटाइजर तक नहीं मुहैया करवाए गए हैं।
मास्क ताे गांव के पूर्व सरपंच ने दे दिए हैं, लेकिन ग्लव्स नहीं हैं। एक कर्मचारी ने ताे पैराें में जूते की जगह कैंची चप्पल पहनी है।
यही कर्मचारी काॅलाेनी में काम करने के बाद गांव धनास में भी झाड़ू लगाएंगे और सेनेटाइजेशन का काम करेंगे। इसकाे लेकर गांव धनास के लाेगाें में भय बना हुआहै।
सफाई कर्मचारियाें काे प्राॅपर सामान नहीं दिए जाने से काेराेना केस बनाने की पूरी तैयारी कर दी है। गांव धनास में 11 सफाई कर्मचारी तैनात हैं।
इनमें से दाे कर्मचारी सेनेटाइजेशन पर लगाए हुए हैं, बाकी गलियाें और मार्केट में झाड़ू से सफाई का काम करते हैं। इन्हीं में 4 सफाई कर्मचारियाें काे निकालकर कच्ची काॅलाेनी में लगा दिया है।
काॅलाेनी में झाड़ू और सेनेटाइजेशन करने के बाद गांव धनास की गलियाें की सफाई और सेनिटाइजेशन का काम करेंगे। अगर एमसी इन कर्मचारियाें काे प्राॅपर मास्क, गलव्स, सेनेटाइजेशन और पीपीई किट देता ताे कर्मचारियाें काे काेराेना के वायरस का खतरा कम रहता। लेकिन ऐसा कुछ किया नहीं गया।
इससे एमसी के चीफ सेनिटरी इंस्पेक्टर ने 4 सफाई कर्मचारियाें की कच्ची काॅलाेनी में ड्यूटी लगाकर जान जाेखिम में डाल दी है। गांव धनास के पूर्व सरपंच कुलजीत सिंह संधू का कहना है कि गांव की गलियाें से हटाकर चार सफाई कर्मचारियाें काे कच्ची काॅलाेनी में लगा दिया। जिसे काेराेना केस पाॅजिटिव आने पर सील किया हुआहै।
कोरोना वायरस की चपेट में आ सकते हैं
इन कर्मचारियाें काे पीपीई किट देना ताे दूर की बात है, एमसी ने इन्हें मास्क, ग्लव्स और सेनिटाइजर तक नहीं दिए। मास्क ताे सफाई कर्मचारियाें काे उन्हाेंने मुहैया करवा दिए। लेकिन ग्लव्स और सेनेटाइजर तक नहीं दिए गए। ऐसे में ये कर्मचारी काम करते काॅलाेनी में काेराेना वायरस की चपेट में आसकते हैं। इस संबंधी एमसी के एडिशनल कमिश्नर तिलक राज से बात भी की। लेकिन चीफ सेनिटरी इंस्पेक्टर माना नहीं। कहने लगा कि बगैर ग्लव्स के ही काॅलाेनी में काम करेंगे। यही बाद में गांव में झाडृू लगाएंगे।
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