वैश्विक महामारी काेरोनावायरस से बचाव को लेकर जहां प्रधानमंत्री की ओर से देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की गई तो प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश में कर्फ्यू लगाया गया। इसी कड़ी में जिला प्रशासन की ओर से कोरोना से बचाव को लेकर कड़े प्रबंध किए गए जिसके चलते कर्फ्यू के 16 दिन के दौरान जिले से कोरोना के 8 सैंपल भेजे गए जोकि सभी निगेटिव आए जिसके चलते अभी तक एक भी कोरोना पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है।

इस अवधि के दौरान जिले में विदेशों से लौटे कुल 948 लोगों को प्रशासन की ओर से बनाई गई टीमों की ओर से ट्रेस कर क्वारंटाइन किया गया जिनका क्वारंटाइन पीरियड खत्म हो चुका है तो अब मौजूदा स्थिति में 17 लोगों को घरों में क्वारंटाईन किया गया है।

कर्फ्यू का पूर्ण तौर पर पालन कराने पुलिस ने कड़ा रुखअख्तियार किया

जिले में कर्फ्यू को पूर्ण तौर पर लागू करने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए इन 16 दिनों में 150 से अधिक लोगों पर कर्फ्यू का उल्लंघन करने के मामले दर्ज किए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की दिन-रात की कड़ी मेहनत के चलते सभी अस्पतालों में इसके पूर्ण प्रबंध किए गए तो वहीं अर्बन व रूरल एरिया में तैनात की गई 67 रैपिड रिस्पांस टीम के करीब 300 सदस्यों ने जिले के प्रत्येक एरिया में जाकर लोगों को जागरूक किया व किसी न किसी प्रकार संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाईन में डाला। इसी का ही नतीजा है कि जिला अभी तक पूरी तरह सुरक्षित हैं।

कोरोनावायरस के देश में दस्तक देते ही जिला प्रशासन की ओर से 39 वाहन चलाकर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को वायरस के लक्षण, बचाव व सामाजिक दूरी के बारे में जागरूक किया। इसके बाद देश में जनता कर्फ्यू लगाया गया व उसके बाद प्रदेश सरकार की ओर से कर्फ्यू का ऐलान किया। इस अवधि के दौरान जिले के प्रत्येक गांव को पंचायत विभाग की ओर से तो शहरी क्षेत्र को नगर कौंसिलों की ओर से सैनिटाइज किया गया।

समाजसेवी संस्थाएं लोगों को वितरित कर रहीं राशन

कर्फ्यू के दौरान कोई भूख से न मरे इसे ध्यान मेंरखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सबसे पहले समाजसेवी संस्थाओं को प्रशासन से लंगर व राशन वितरित करने की परमिशन दी गई। इसके बाद लोगों को प्रतिदिन की जरूरत का सामान किराना, सब्जी, दवाइयाेंसहित अन्य सामान की होम डिलीवरी शुरू की गई।

इसके लिए रेट लिस्ट भी जारी की गई ताकि कोई तय रेटों से ज्यादा पैसे न वसूल सके। इसके बाद पेट्रोल पंपों, घरेलु गैस सिलेंडर की सप्लाई इसके बाद एटीएम व बैंकों को खोला जिनमें सोशल डिस्टेंस का खास ख्याल रखा गया।

फरीदकोट के कोरोना पॉजीटिव व्यक्ति के संपर्क में आए 17 रिश्तेदाराें को किया होम क्वारंटाइन

फिरोजपुर| डिप्टी कमिश्नर फिरोजपुर कुलवंत सिंह ने बताया कि फरीदकोट के कोरोनापॉजीटिव मरीज के साथ संपर्क रखने वाले फिरोजपुर के कुल 17 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। इस संबंधी जानकारी देते डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि फरीदकोट में हरिन्दर नगर के रहने वाले एक व्यक्ति की रिपाेर्ट काेराेनापाॅजीटिव आई है और उस व्यक्ति के कुछ रिश्तेदार फिरोजपुर के रहने वाले हैं।

उक्त रिश्तेदारों और अन्य लोगों को कोरोना के प्रभाव से बचाने के लिए लिए सेहत विभाग की तरफ से 17 व्यक्तियों को होम क्वारंटीन किया गया है, जिनमें से 11 व्यक्ति फिरोजपुर शहर और 6 लोग फिरोजपुर छावनी के रहने वाले हैं।

घर के बाहर क्वारंटीन के नोटिस चिपकाए गए हैं

उन्होंने बताया कि इन व्यक्तियों के घर के बाहर क्वारंटीन के नोटिस चिपकाए गए हैं और पुलिस मुलाजिमों को भी तैनात किया गया है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इन व्यक्तियों में अभी तक काेरोना का कोई लक्षण नहीं है परंतु सेहत सुरक्षा को लेकर इन्हें होम क्वारंटीन किया गया है।

उन्होंने कहा कि जिले में अभी कोई भी पाॅजीटिव केस नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह काेरोना के प्रभाव से बचने के लिए घरों में ही बने रहें और सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइंस और नियमों का पालन करें ताकि कोरोनावायरस के खिलाफ चल रही जंग को जीता जा सके।

आईजी रेंज ने लोगों को जागरूक करने की संभाली कमान, मुक्तसर में लगवाए पोस्टर

बठिंडा| कोरोनावायरस के खिलाफ लॉकडाउन के बाद अब कर्फ्यू के हालात में जी जान से जुटे पुलिस कर्मियों की सुरक्षा व उन्हें जागरूक करने के लिए बठिंडा रेंज के आईजी अरुण कुमार मित्तल ने स्वयं जागरूकता अभियान की कमान संभाली है। रेंज के तीन जिलों बठिंडा, मानसा व मुक्तसर में फील्ड में काम करने वाले रेंज के 7 हजार से ज्यादा पुलिस बल लोगों की सुरक्षा के साथ स्वयं भी सुरक्षित रहें इस लिए उन्हें फील्ड में रहते हुए काम करते हुए कोरोना से कैसे बचना है, इसके तरीके और सावधानियों के बारे में बताने को एक अभियान छेड़ा है।

इसकी शुरुआत पिछले दिनों उन्होंने मानसा से की। यहां पुलिस कर्मचारियों को जागरूक करने के साथ उन्होंने मानसा के तमाम गांव में उनकी तरफ से तैयार करवाए गए कोरोना के प्रति सावधानियों और बचाव के लिए सुझाव के पंफलेट और पोस्टर हर गली नुक्कड़ पर लगवाए। ताकि लोग व कर्मचारी फील्ड में काम करते हुए भी कोरोना से बचाव के लिए एहतियात वरत सकें।

सब डिवीजन स्तर पर पुलिस थानों में कर्मचारियों को खुद जाकर किया जागरूक

कोरोना के खिलाफ जवानों को जागरूक करने के लिए स्वयं आईजी अरुण कुमार मित्तल ने सब डिवीजन स्तर पर जाकर पुलिस थानों में निर्धारित मापदंडों के मुताबिक मुलाजिमों को एकत्रित कर कोरोना के लक्षणों व इससे फील्ड में रहकर कैसे बचा जाए इसके टिप्स बताए।

समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग की डीसी ने की प्रशंसा

वहीं जिले की मौजूदा स्थिति के बारे में बातचीत करते हुए डीसी कुलवंत सिंह ने बताया कि जिले में अभी तक कोरोना का एक भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। वहीं उन्होंने कोरोना के पॉजिटिव या संदिग्ध की मौत के बाद लोगों की ओर से किए जा रहे संस्कार के विरोध पर डीसी ने कहा कि इस तरह का कोई भी वैज्ञानिक तथ्य सामने नहीं आया कि कोरोनावायरस के मरीज का संस्कार करने से वायरस फैलता है। डीसी ने सभी लोगों से सहयोग करने की अपील की है।

सार्थक परिणाम सामने आने लगे हैं : आईजी रेंज

लोगों को कर्फ्यू के दौरान कैसे घरों में रहकर लॉकडाउन से कोरोना की चेन को तोड़ने में कामयाब किया जा सके, इसके लिए मैंने एक स्लोगन दिया है, तुसी घरां अंदर रहो, असीं बाहर हां तुहाडे लई ये इसलिए है कि लोगों को ये विश्वास हो जाए कि फोर्स उनकी सुरक्षा व सेहत के लिए पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है। आपने देखा होगा कि घरों में दवाएं तक पहुंचाने में भी हमारे पीसीआर जवानों ने अपनी भूमिका निभाई है।

लोगों को घरों में जाकर जागरूक करते व उनकी जांच करते रैपिड रिस्पांस टीम सदस्य।

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