मजदूरी करने को गए राजस्थान के चुरु में फंसे पंजाब के 36 लोग, पैसे खत्म, खाने की चिंता
(बिंदर रीतवाल)मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का दो वक्त का पेट भरने के लिए राजस्थान गए पंजाब के मजदूर जिनमें बच्चे व महिलाएं भी शामिल है, लॉकडाउन के चलते राजस्थान के चुरु जिले में फंस गए हैं वहीं मानसा प्रशासन का कहना है कि वहां फंसे मजदूरों को वापस पंजाब लाने की राजस्थान सरकार के साथ संपर्क कर उन्हें जल्द वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है। जानकारी के अनुसार गांव बखशीवाला से मजदूर पुरुष व महिलाएं अपने बच्चों समेत लॉकडाउन से पहले राजस्थान के चुरु जिले में सरसों व जीरे की फसल के लिए मजदूरी करने के लिए गए थे जो लॉकडाउन के बाद वहीं फंसकर रह गए हैं।

राजस्थान गए मजदूर शिंदा सिंह के साथ गए मजदूरों को लेकर उनसे मोबाइल पर की बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वह 17 मार्च को चुरु जिले के ढंडेरु गांव में गेहूं, सरसों व जीरे की फसल की मजदूरी करने के लिए पंजाब से राजस्थान पहुंचे थे।

शिंदा सिंह के अनुसार वहां फंसे 36 व्यक्तियों में से 11 पुरुष,8 महिलाएं ओर 17 बच्चे शामिल हैं। जिनमें से 16 उसके रिश्तेदार जो जगराव के गांव माणुके में रहते है ओर उन्हें मजदूरी करने के लिए वह अपने गांव बखशीवाला से अपने साथ लेकर आया था।

उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि 14 अप्रैल से रेल गाडियां चलेगी ओर वह अपने गांव पहुंचने के लिए ढंडेरु से ही पैदल चल पड़े ओर 70 किलोमीटर चुरु जिले में दाखिल होते समय ही उन्हें रोक लिया गया ओर उन्हें अब एक स्कूल की इमारत में रखा गया है। उन्होंने बताया कि अब उनका वहां से निकलकर अपने गांव बख्शीवाला में पहुंचने का कोई प्रबंध नहीं हो रहा है अाैर उनके पास पैसे खत्म होने के चलते उनकी हालत दयनीय बनी हुई है। उन्हें अपनी दो वक्त की रोटी की भी चिंता होने लगी है।
डीसी गुरपाल सिंह चहल ने बताया कि उक्त परिवारों को वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है और उम्मीद है कि वह जल्द ही पंजाब लौट आएंगे।

मानसा के 5 विद्यार्थी कोटा से वापस लौटे, मेडिकल चेकअप के बाद 14 दिन के लिए एकांतवास में भेजे

नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के मद्देनजर देश भर में चले रहे लॉकडाउन के चलते प्रदेश के कुछ विद्यार्थी कोटा (राजस्थान) में फंसे हुए थे, जिनको पंजाब सरकार के प्रयास से कुशल मंगल उनके घर वापस लाया गया है। राजस्थान के कोटा में फंसे पांच विद्यार्थी मानसा जिले के साथ संबंधित थे। डीसी गुरपाल सिंह चहल ने बताया कि साेमवार काे इन विद्यार्थियों को सहायक कमिश्नर (जनरल) नवदीप कुमार के नेतृत्व में मानसा कैंचियां के पास से रिसीव किया गया।

उन्होंने बताया कि इस उपरांत विद्यार्थियों को घर वापस आने पर रिफरेशमेंट, मास्क और सेनेटाइजर भी दिया गया वहीं सहायक कमिशनर की ओर से उनका हाल चाल पूछा गया और कोविड-19 संबंधित जरूरी सावधानियां भी बताईं। इस मौके पर सहायक कमिश्नर नवदीप कुमार ने विद्यार्थियों को बताया कि वह 14 दिन तक अपने-आप को घरों में ही एकांतवास में रखे और अपने घर वालों के भी संपर्क में न आएं। उन्होंने कहा कि यह सावधानियां इस लिए नहीं बताईं जा रही कि उनको कोरोना है, परंतु एहतियात के तौर पर यह जरुरी बन जाता है कि विद्यार्थी 14 दिन तक एकांतवास में ही रहें।

मजदूरी करने को गए राजस्थान के चुरु में फंसे पंजाब के 36 लोग, पैसे खत्म, खाने की चिंता
36 people from Punjab stranded in Churu, Rajasthan for wages, worry over food


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