सीएम मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में गेहूं खरीद के लिए 2000 खरीद केंद्र होंगे। तीन गांवों पर एक सेंटर बनाने की योजना है।
इसके लिए किसान मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 19 अप्रैल तक पंजीकरण करा सकते हैं। यह पोर्टल खोल दिया है। सरसों की खरीद के लिए 140 मंडियां व खरीद केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
सरसों की खरीद का कार्य 20 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा और किसान जितनी फसल लेकर आएंगे, उनका एक-एक दाना खरीदा जाएगा।
जबकि गेहूं की फसल की खरीद 20 अप्रैल से 15 जून तक हो सकती है। जो किसान अपने घरों पर गेहूं का स्टॉक करेंगे, उनके लिए केंद्र सरकार को लिखा गया है। इसके लिए किसानों को इंसेंटिव दिया जा सकता है।
केंद्र जो भी निर्णय लेगा, वही हरियाणा में लागू किया जाएगा। किसानों व मजदूरों को मंडियों या खरीद केंद्रों में मास्क लगाकर आना होगा, ताकि कोरोना जैसी महामारी से बचा जा सके।
प्रदेश में करीब 4500 कंबाइन आ चुकी हैं और मनरेगा के तहत पंजीकृत मजदूरों को मंडियों में काम दिया जाएगा। जो 15500 श्रमिक फिलहाल विभिन्न शिविरों में रह रहे हैं, उन्हें भी मंडियों में काम दिया जाएगा।
19 अप्रैल तक कराना होगा किसानों को पंजीकरण
किसानों को सरसों व गेहूं की खरीद के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल के आधार पर दी गई जानकारी के अनुसार कूपन दिए जाएंगे ताकि मंडियों में किसान एक साथ उपज लेकर किसान न आएं और निर्धारित तिथि के अनुसार ही विशेष गांवों के किसान क्रमवार अपनी उपज मंडियों में लेकर आएं।
जिन किसानों ने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है, उनकी उपज की खरीद प्राथमिकता आधार पर की जाएगी।
अब तक लगभग 60 प्रतिशत किसानों ने गेहूं की फसल का पंजीकरण करवाया है जबकि 40 प्रतिशत किसानों ने अब तक पंजीकरण नहीं करवाया है। ऐसे किसानों की सुविधा के लिए ही मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल खोल दिया गया है।
अब किसानों को 24 घंटे में उपलब्ध कराई जाएगी गेहूं-सरसों की फसल की राशि
आढ़ती एसोसिएशन ने सरकार को आश्वासन दिया कि वे अपनी 2.5 प्रतिशत आढ़त में से 0.10 प्रतिशत राशि हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में दान करेंगे। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अबकी बार करीब 70 लाख टन गेहूं की आवक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
ऐसे में अनाज मंडियों में भी गेहूं की खरीद होगी। किसानों को गेहूं या सरसों की राशि आढ़तियों के जरिए 24 घंटे में ही उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रदेश के कई बड़े गांवों व कस्बों में अलग-अलग डेरों की जगह हैं। इनमें शैड का भी प्रबंध है। सीएम मनोहर लाल और डिप्टी सीएम ने कहा है कि प्रदेश किसानों की फसल का दाना-दाना खरीदा जाएगा। किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
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