दंतेवाड़ा जिले में इस वर्ष तेंदूपत्ते की खरीदी उम्मीद के मुताबिक शुरू नहीं हो पा रही है। कुछ दिनों पहले जिले के एक मात्र नकुलनार समिति में 25 तारीख से बेड़मा फड़ में शुरू हुई थी खरीदी, जो अब बेमौसम होने वाली बारिश के चलते बंद हो गई है।
नकुलनार और आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले में इस समय तेंदूपत्ते की खरीदी सात समितियों द्वारा की जा रही है। इन समितियों में दंतेवाड़ा, कटेकल्याण, नकुलनार, मोखपाल, तुमनार, गीदम और बारसूर शामिल हैं। इसमें से किसी भी समिति में खरीदी नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पत्ता तुड़ाई करने का यही सबसे अच्छा समय था, जो बारिश के चलते प्रभावित हो रहा है। एक पखवाड़े के बाद पत्ते कड़े होकर फट जाएंगे, जिसकी तुड़ाई करने का कोई मतलब
नहीं रहता है।
नाराज ग्रामीणों ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक को पहले लॉकडाउन के चक्कर में खरीदी का फायदा नहीं मिला। जब आदेश हुआ तो लगातार रोज शाम को बारिश की वजह से खरीदी बंद कर दी गई है। रेंजर अशोक सोनवानी ने कहा कि इस समय तेंदूपत्ता मोटा हो गया है। हर दिन बारिश हो रही है, जिसके चलते खरीदी बंद है।
कुआकोंडा क्षेत्र में कोरिरास, बेड़मा में संग्राहक जल्द खरीदी शुरू होने की संभावना को देखते हुए तेंदूपत्ते तोड़कर घरों में एकत्र कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खरीदी करीब एक पखवाड़े तक होगी। इसके चलते ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पत्ते इकट्ठे करने में लगे हैं।
अब तक नहीं पहुंचे ठेेकेदार
कोरोना संक्रमण के तहत लागू लॉकडाउन के चलते ठेकेदार अब तक तेंदूपत्ते की खरीदी करने नहीं पहुंचे हैं। इसके चलते आने वाले दिनों में सरकारी खरीदी हो, इसे लेकर भी आशंका जताई जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मानें तो सरकारी खरीदी नहीं होने से करीब 10 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ेगी। अब तक सरकारी खरीदी को लेकर विभाग ने समितियों में किसी तरह की व्यवस्था नहीं की है। न तो यहां तिरपाल है और न ही ब्लीचिंग पावडर का इंतजाम किया गया है।

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