शहर में विधायक कोष से वितरित होने वाली खाद्य सामग्री में अनियमितता का मामला सामने आया है। किट में परिषद प्रशासन की ओर से 10 किलो आटा बैग उपलब्ध कराया मगर क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पार्षद ने उन्हें इसकी जगह 5 किलो लोकल कंपनी का आटा थमा दिया। हालांकि शिकायत के बाद पीड़िताें को कम मिला आटा विधायक के दखल के बाद तक पहुंचा दिया गया।
मामला शहर के वार्ड 31 के फतेहपुरिया दोयम के फतेहपुरिया चौक से जुड़ा है।
सोमवार को वार्ड में पार्षद ललिता सिंगारिया विधायक कोष से मिली राहत सामग्री के किट बांट रहीं थीं।
वार्ड में रहने वाले राजू, अनिल, आशीष और सोनू आदि किट लेकर गए।
उनका आरोप है कि जब उन्होंने घर लाकर किट खोला तो उसमें 10 किलो आटे की जगह 5 किलो आटे का पैकेट ही मिला, वह भी किसी लोकल कंपनी का।
उन्होंने इसकी शिकायत जब पार्षद से की तो उसका कहना था कि परिषद प्रशासन की ओर से ऐसे ही पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं। इस पर जब उन्होंने विधायक शंकरसिंह रावत काे दी उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए पार्षद को 10 किलो आटे के पैकेट उपलब्ध कराने के लिए कहा।
इस मामले में पार्षद ललिता सिंगारिया का कहना है कि उन्होंने क्षेत्रवासियों को किट में शामिल सामग्री गिनाकर दी थी।
यदि कोई घर से आकर बोले कि उसके पास 10 की जगह 5 किलो आटा ही मिला तो यह गलत है।
फिर भी विधायक के निर्देशानुसार सभी को 10 किलो आटे के पैकेट उपलब्ध करवा दिए गए हैं।
परिषद एईएन चिराग गोयल के मुताबिक पूर्व में लिए गए निर्णय के मुताबिक वार्ड नंबर 31 की पार्षद को 131 किट उपलब्ध कराए गए। करीब 8 हजार पैकेट में परिषद प्रशासन की ओर से संबंधी एजेंसी द्वारा एक ही ब्रांड का 10 किलो आटे का बैग ही किट में शामिल कराया गया।
ऐसे में यह संभव नहीं कि कुछ किट में 10 की जगह 5 किलो का बैग चला गया हो। दूसरी अाेर वार्डवासियाें का अाराेप है कि शिकायत करने से पार्षद पुत्र और उनके समर्थक नाराज हाे गए, मारपीट पर उतारू हाे गए।
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