भोपाल .राजधानी के नए मास्टर प्लान में शहर की पार्किंग समस्या के समाधान के लिए नए प्रावधान किए जा रहे हैं। किसी निजी बिल्डिंग में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने पर उसे एफएआर में शामिल नहीं किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि कमर्शियल और अन्य बिल्डिंग के निर्माण में भवन मालिक अपनी जरूरत के हिसाब से पार्किंग की सुविधा डेवलप करने में रुचि दिखाएंगे। इसके अलावा शहर के लोगों की आदत को देखते हुए कॉमन ओपन स्पेस में पार्किंग की अनुमति दी जा रही है।
लेकिन यह कॉमन ओपन स्पेस फ्रंट एमओएस के अलावा होगा। मास्टर प्लान-2031 को तैयार करने से पहले शहर की पार्किंग समस्या पर कराए अध्ययन में यह बात सामने आई थी कि भोपाल के लोग सड़कों और भवनों के किनारे खुली जमीन पर वाहन पार्क करते हैं। शहर में केवल 48 पार्किंग स्थल हैं, जो बढ़ती हुई जरूरत के हिसाब से कम हैं। कमर्शियल बिल्डिंग और हास्पिटल आदि की प्लानिंग में लोग एक सीमा से अधिक पार्किंग का इंतजाम इसलिए नहीं करते क्योंकि उसे एफएआर में जोड़ दिया जाता है। इन दोनों समस्याओं के निदान के लिए पार्किंग के नियम बदले जा रहे हैं।
प्लान में किस क्षेत्र में कितना एफएआर है प्रस्तावित
| रेसींडेशियल एरिया | मौजूदाएफएआर | प्रस्तावितअधिकतम एफएआर |
| एरिया वन | 1.25 | 2.0 |
| एरिया टू | 1.25 | 2.0 |
| एरिया थ्री | 0.75 | 1.25 |
| नया प्लानिंग एरिया | 1.25 (बेस एफएआर) | 2.0 |
| नई प्लानिंग का सेंसेटिव एरिया | 0.75 (बेस एफएआर) | 0.75 |
| टीओडी जोन | 1.25 | -3 |
| पुराना शहर | 1.25 | 2 + टीडीआर(प्रीमियम एफएआर नहीं) |
- एरिया वन- दानिश नगर, विद्या नगर, गुलमोहर, अवधपुरी, छत्रसाल नगर व बैरागढ़ तक का क्षेत्र।
- एरिया टू- सलैया, बैरागढ़ चीचली, कटारा, मिसरोद, अयोध्या बायपास, भौंरी, एयरपोर्ट रोड।
- एरिया थ्री- अरेरा कॉलोनी ई-1 से ई-5, चूना भट्टी, विजय नगर।
| रेसींडेशियल एरिया | मौजूदाएफएआर | प्रस्तावितअधिकतम एफएआर |
| एमपी नगर | 1.5 | 5.0 (मिक्स लैंडयूज) |
| न्यू मार्केट, करोंद, मिसरोद | 2.5 तक | 4.0 |
| नए कमर्शियल एरिया | 1.5 (बेस एफएआर) | 3.0 |
| स्मार्ट सिटी | (स्मार्ट सिटी के प्लान के अनुसार) |
मास्टर प्लान में खास
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रीमियम एफएआर और टीडीआर की पॉलिसी को मास्टर प्लान में शामिल करके शहर के डेवलपमेंट का नया रास्ता खोला जा रहा है। इन प्रयासों से जहां सरकार को विकास के लिए राशि मिलेगी, वहीं जमीन अधिग्रहण पर होने वाला खर्चा भी बचेगा। जिन लोगों की जमीन का अधिग्रहण होगा उन आम लोगों को भी नुकसान न हो इसके लिए वे मार्केट दर पर एफएआर बेच भी सकेंगे। सभी बड़े शहरों में यह पॉलिसी लागू की जा रही है।
आगे क्या
- नगरीय आवास एवं विकास मंत्री जयवर्धन सिंह गुरुवार को दोपहर 3 बजे मिंटो हॉल में मास्टर प्लान जारी करेंगे।
- इसके बाद एक महीने तक दावे, आपत्ति और सुझाव का दौर चलेगा।
- इन दावे-आपत्तियों और सुझावों पर सांसद की अध्यक्षता वाली समिति सुनवाई करेगी।
- यह समिति 90 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।
- टी एंड सीपी डायरेक्टर 30 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को देंगे।
- शासन अंतिम रूप से प्लान लागू करेगा, लेकिन उसके लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है।
- माना जा रहा है कि सितंबर तक प्लान लागू हो सकता है।

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