मैनपाट महोत्सव में कन्यादान योजना के तहत 350 जोड़ों को शादी में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दिए गए सामान की क्वालिटी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हितग्राहियों का कहना है कि सरकार इस योजना पर 15 से बढ़ाकर 25 हजार रुपए खर्च कर रही है, लेकिन उन्हें जो समान दिए गए हैं वे 8-9 हजार से अधिक के नहीं है।

ऐसा इसलिए कि जो पेटी और अलमीरा दिए गए हैं उसकी चादर इतनी पतली है कि दब जा रही है। वहीं इस पर महिला बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी का कहना है कि इन समान की सप्लाई सीएसआईडीसी के मानकों के तहत की गई है। फिलहाल उनका भौतिक सत्यापन नहीं हो सका है। दैनिक भास्कर ने कन्यादान योजना के तहत सरगुजा जिले के हितग्राहियों को शादी के बाद दिए गए समान की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों की पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि जो अलमीरा दिए गए हैं उसकी खरीदी प्रति आलमारी 2960 रुपए में की गई है, जबकि बाजार में वह 17-18 सौ रुपए में बिक रही है। इसी तरह जो पेटी दी है, वह 7-8 सौ रुपए में मिल रही है। वहीं दूसरी तरफ महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों समानों की खरीदी सीएसआईडीसी में पंजीकृत फर्मों से की गई है, उन्होंने सप्लाई के दौरान मानकों का ख्याल नहीं रखा होगा तो उसकी जांच करवाई जाएगी। वहीं दूसरी तरफ जिला अधिकारियों ने इनकी खरीदी न कर परियोजनाओं को इसका पैसा दे दिया। इस आयोजन में 17.50 लाख में टेंट तथा 17.50 लाख रुपए वर वधु के ड्रेस और श्रृंगार में खर्च होना बताया जा रहा है। जबकि टेंट पर अधिकतम 10 लाख रुपए खर्च का अनुमान है।

घटिया सामान दिया, 7-8 हजार से अधिक का नहीं

नर्मदापुर के महेश राम की शादी रीतू के साथ हुई। उसकी मां ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार इस बार शादी में 25 हजार खर्च कर रहा है तो पिछले बार से अच्छा समान मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अलमारी और पेटी तो बहुत ही खराब है, वह दब रही है। कुकर तो मिला ही नहीं है। पहले शादी होती थी तो आने-जाने की व्यवस्था भी होती थी।

87.50 लाख रुपए आयोजन में खर्च, 49 लाख के उपहार खरीदने का दावा

एक हजार में 8 ग्राम चांदी का मंगलसूत्र

बता दें कि कन्यादान योजना के तहत छह नग थाली, छह नग चम्मच, छह गिलास, छह कटोरी, एक परात, एक स्टील की पानी टंकी, जग, कलछुल, दीवार घड़ी अजंता कंपनी की, सीलिंग फेन, अलमारी, पेटी, पिजन का टार्च, टिफिन, गद्दा, दो तकिया, कंबल व बेडसीट दी गई है। इसके साथ ही एक चांदी का मंगलसूत्र है जिसे 1 हजार में खरीदना बताया जा रहा है, जिसका वजन आठ ग्राम है। जबकि वैसा मंगलसूत्र बाजार में 8 सौ रुपए में मिल रहा है।

टेंट तो महोत्सव में लगा ही था अलग से कैसे कर रहे खर्च

सांसद प्रतिनिधि जमुना यादव का कहना है हम लोग मैनपाट में रहते हैं, यहां तो महोत्सव के हिसाब से पंडाल टेंट लगा था। उसके लिए अलग से पैसा खर्च करने की बात सीधे तौर पर आर्थिक गड़बड़ी है। सरकार ने 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार किया है तो दस हजार का अंतर गिफ्ट में दिखना चाहिए। हम इसकी जांच की मांग करेंगे।

शिकायत पर होगी जांच, भौतिक सत्यापन नहीं हो सका


ज्योति मिंज, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, सरगुजा

05 हजार प्रति हितग्राही के खरीदे गए कपड़े

14 हजार रुपए से खरीदना था गिफ्ट

25 हजार प्रति जोड़े सरकार ने खर्च किए

350 जोड़ों की शादी मैनपाट महोत्सव में हुई

भास्कर पड़ताल**



Ambikapur News - chhattisgarh news kanyadaan39s wardrobe and box of the sheet sunk under mild pressure without any physical verification the couples were divided


Post a Comment

أحدث أقدم