पटना. मातहतों की बेपरवाही और उनके लगातार गैरवाजिब रवैये से आजिज राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामनारायण मंडल फट पड़े। मौका, सोमवार को अपर समाहर्ता एवं भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं की कार्यशाला का था। मंत्री ने कहा-अफसर अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए भूमि विवाद को लटकाकर रखते हैं; संबंधित व्यक्ति से ’मधुर संबंध’ बनते ही इसे निपटा देते हैं। खाता, खेसरा, रकबा, नाम जानबूझकर गलत किया जाता है और इसे ठीक कराने के लिए लोगों को दौड़ाया जाता है। ऐसे बहुत अफसर हैं, जिन्हें अपने मूल काम में कोई दिलचस्पी नहीं है। इनको राजस्व विभाग के काम से हटाने के बारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात करूंगा। कार्यशाला में विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जय सिंह, भू अर्जन निदेशक श्यामल किशोर पाठक, संयुक्त सचिव विरेंद्र कुमार पासवान भी मौजूद थे।

खाली हॉल देख बिफरे मंत्री

हॉल में कुछ सीटें खाली थी। मंत्री बिफरे। अपने अपर मुख्य सचिव (विवेक कुमार सिंह) से बोले-जो बिना वाजिब कारण के गैरहाजिर हैं, उन पर कार्रवाई करें। मंत्री इसलिए भी नाराज थे कि जिलों में तैनात राजस्व के प्रभारी, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था, परीक्षा संचालन आदि के बहाने राजस्व के काम की अनदेखी करते हैं। उन्होंने ऐसे अफसरों की सूची बनाने को कहा। इनको राजस्व कार्य से हटाने की बात होगी। उन्होंने भूमि सुधार उपसमाहर्ता व अपर समाहर्ताओं के न्यायालयों में लंबित भूमि विवादों पर तल्ख आपत्ति की। अपर मुख्य सचिव को इनका समयबद्ध निष्पादन कराने को कहा। बोले-जमाबंदी निरस्तीकरण के लंबित मामले भी निपटें। मंत्री ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत हटाए गए अतिक्रमण के क्रम में उजड़े लोगों के लिए वैकल्पिक इंतजाम की बात कही।

अपर मुख्य सचिव बोले-1 अप्रैल से ऑफलाइन लगान बंद होगा, यह नई चुनौती, पूरी तरह सतर्क रहें अफसर

अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि 1 अप्रैल से ऑफलाइन लगान पूरी तरह बंद होना है। यह नई चुनौती है। अफसरों को और सतर्क रहना होगा। 15 मार्च तक म्युटेशन के मामले निपटाएं जाएं। वह कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा-सरकार के हरेक अभियान की कामयाबी हमारे ऊपर निर्भर है। मुख्यमंत्री की सभाओं में भी सबसे ज्यादा उंगली हमारी तरफ ही उठती है। हमारी प्राथमिकता में सबसे उपर ऑनलाइन म्युटेशन है, फिर सर्वे। अपर मुख्य सचिव ने म्युटेशन के लंबित मामलों की समीक्षा की और 30 जून 2019 से पहले के मामलों का कारण जाना। पता चला कि अधिकांश मामले तकनीकी वजहों से लंबित हैं। उन्होंने 15 मार्च तक सभी लंबित मामलों के निष्पादन का आदेश दिया।



कार्यशाला को संबोधित करते मंत्री रामनारायण मंडल।



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