भिलाई.गायत्री परिवार की ओर से गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर-6 भिलाई में चैत्र नवरात्रि का पर्व 25 मार्च से 2 अप्रैल तक मनाया जाएगा। मंदिर में इस बार सामूहिक आरती, भंडारा आदि कार्यक्रम नहीं होंगे। संस्था के मोहन उमरे ने बताया कि 25 मार्च को सुबह 7 बजे देव आवाहन, नवग्रह पूजन, स्वस्ति वाचन के साथ ज्योति प्रज्वलित की जाएगी। इस बार शक्तिपीठ में सामूहिक साधना, सामूहिक दीप प्रज्वलन नहीं होगा।
रामनवमी के दिन 2 अप्रैल को सीमित भक्त उपस्थित होकर एक कुंडीय गायत्री महायज्ञ कर चैत्र नवरात्रि अनुष्ठान की पूर्णाहुति करेंगे। गायत्री शक्तिपीठ के साथ-साथ गायत्री साधना केंद्र रिसाली, शिव गायत्री मंदिर रिसाली सेक्टर, रामनगर, कैंप 2, पॉवर हाउस, रामनगर मुक्तिधाम प्रज्ञापीठ आदि मंदिरों में कार्यक्रम नहीं होंगे।
प्रज्ञापीठ निकुम में दिन- रात गूंजेगा गायत्री मंत्र
निकुम। गायत्री प्रज्ञापीठ निकुम में नवरात्रि पर्व पर अखंड ज्योति कलश स्थापना 25 मार्च को होगी। इसकी प्रतिष्ठा गुरुदेव आचार्य पं. श्रीराम शर्मा ने सन् 1981 में की थी। क्षेत्र, प्रदेश व देश में शांति व निरोगी कामना को लेकर नवरात्र पर्व में गायत्री महामंत्र का जाप और हवन हर दिन किया जाएगा। प्रज्ञापुत्र श्यामलाल मेश्राम ने बताया कि जिस प्रकार फूलों का सार शहद और दूध में घी सार होता है, उसी तरह सभी वेदों का सार गायत्री मंत्र है। मंदिर में निर्माण की तैयारी चल रही है। यहां भी नवरात्रि के दौरान शासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा। सामूहिक कार्यक्रमों पर एहतियात बरती जाएगी।
निर्णय: सेक्टर-7 के मां जगदंबा मंदिर में नहीं की जाएगी ज्योतिकलश प्रज्जवलित
कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर आदिशक्ति मां जगदंबा मंदिर महाराणा प्रताप भवन, सेक्टर-7 में चैत्र नवरात्रि पर्व के दौरान मनोकामना ज्योतिकलश प्रज्जवलित नहीं की जाएगी। निर्णय क्षत्रिय कल्याण सभा की बैठक में लिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि जिन श्रद्धालुजनों ने ज्योतिकलश की रसीद कटवा ली है, वे रसीद वापस जमाकर रकम ले सकते हैं।
जुनवानी में माता का दरबार बंद रहेगा भक्त नहीं कर सकेंगे माता के दर्शन
खम्हरिया जुनवानी के माता दरबार में चैत्र नवरात्रि पर्व पर ज्योति कलश प्रज्जवलित किए जाएंगे। लेकिन भक्त मंदिर में दर्शन नहीं कर पाएंगे। मंदिर समिति की रुक्मिणी साहू ने बताया कि 25 मार्च से 2 अप्रैल तक मंदिर व माता का दरबार दर्शन के लिए बंद रहेगा। इसी तरह आसपास के अन्य देवी मंदिरों में भी भक्त माता के दर्शन के लिए नहीं जा पाएंगे।

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