रायपुर.कोरोना की आपदा के बीच बेमौसम बारिश और आपदा प्रभावित किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने करीब तीन लाख किसानों के लिए 50 करोड़ की राशि जारी कर दी है। 31 मार्च से पहले किसानों को राशि का भुगतान भी कर दिया जाएगा। सबसे ज्यादा 15-15 करोड़ दुर्ग व बेमेतरा के किसानों को दिए जाएंगे। जिलों से कलेक्टरों ने 300 करोड़ रुपए के नुकसान की रिपोर्ट भेजी थी।
इस साल दिसंबर से लेकर अब तक बेमौसम बारिश और ओलों ने धान, चना, मटर, मूंगफली से लेकर गन्ना और सब्जियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। सीएम भूपेश बघेल ने सभी जिलों के कलेक्टरों को क्षति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। सभी जिलों से जो रिपोर्ट आई है, उसके मुताबिक तीन लाख किसानों की करीब दो लाख हेक्टेयर की फसल प्रभावित हुई है। कलेक्टरों ने करीब तीन सौ करोड़ की क्षति की रिपोर्ट दी है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बेमौसम बारिश व ओले गिरने के बाद सभी जिलों को 152 करोड़ रुपए दिए गए थे, जिससे तात्कालिक तौर पर किसानों को राहत दी जा सके। अब पांच जिलों के नाम 50 करोड़ जारी किए गए हैं।
कोरोना से निपटने सरकार ने दिए 15 करोड़
राज्य सरकार ने कोरोना को महामारी घोषित कर दिया है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दवाइयां, उपकरण आदि के लिए तीस करोड़ रुपए की मांग की थी। राजस्व विभाग ने इसकी पहली किश्त स्वीकृत कर दी है। 15 करोड़ रुपए मंगलवार को स्वास्थ्य संचालक के खाते में डाल दिए जाएंगे। इसके बाद कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जितनी भी राशि की जरूरत होगी, उसे तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।
पहली बार संभले तो फिर दो बार हुई ओलावृष्टि
किसानों को इस बार लगातार तीन बार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की मार झेलनी पड़ी। पहली बार बारिश और ओलावृष्टि से संभले तो उसके बाद दो बार और ऐसी स्थिति बनी। इसने किसानों की कमर तोड़ दी। लगातार कई दिनों तक बादल छाए होने के कारण टमाटर, गोभी, मटर व अन्य सब्जियों की फसल में कीड़े लग गए तो खेतों में पानी भरने से पौधे नष्ट हो गए। कोहरे के कारण भी फसलों को काफी नुकसान हुआ। दुर्ग और बेमेतरा में सब्जियों लगाने वाले किसानों ने खेतों को भगवान भरोसे छोड़ दिया था। सोयाबीन-मंूगफली को भी नुकसान हुआ।
राजनांदगांव से सर्वाधिक 113 करोड़ के नुकसान की रिपोर्ट
राजनांदगांव के कलेक्टर ने 113 करोड़ रुपए के नुकसान की रिपोर्ट भेजी थी। यहां करीब एक लाख किसानाें को बेमौसम बारिश से क्षति हुई है। इसके मुकाबले 7 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं, जबकि दुर्ग और बेमेतरा के लिए 15-15 करोड़ दिया गया है। दुर्ग में 22 हजार और मुंगेली में 88 हजार किसानों को नुकसान हुआ है। इसी तरह कवर्धा जिले के लिए 10 करोड़ और बलरामपुर के लिए तीन करोड़ का भुगतान किया गया है। सरकार की तैयारी है कि जल्द से जल्द किसानों को नुकसान की भरपाई की जा सके, जिससे उन्हें आने वाले समय में आर्थिक संकट से न गुजरना पड़े।

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